मुंबई की चर्चित थिएटर कंपनी हाउस ऑफ भाउस का नया queer रेट्रो रोमांस ‘झुमके वाली’ इस सप्ताहांत बेंगलुरु में अपनी शुरुआत कर रहा है। यह नाटक खास तौर पर LGBTQ समुदाय की भावनाओं और पहली मोहब्बत की नाजुकता को बेहद संवेदनशील और वास्तविक तरीके से प्रदर्शित करता है।
‘झुमके वाली’ की कहानी 80 के दशक की पृष्ठभूमि में स्थापित है, जहां समाजिक रूढ़िवाद के बीच दो युवा व्यक्तियों के बीच उभरती मुहब्बत को दर्शाया गया है। इस नाटक में प्रेम केवल एक सामान्य भावना नहीं बल्कि एक क्रांति बनकर उभरता है, जो अपने समय की चुनौतियों और सामाजिक सीमाओं को तोड़ता है।
हाउस ऑफ भाउस के निर्देशक के अनुसार, ‘झुमके वाली’ सिर्फ एक नाटक नहीं, बल्कि LGBTQ समुदाय की आवाज़ है, जिसे दर्शाता है कि कैसे प्यार की कोई सीमा नहीं होती। नाटक की पटकथा, संवाद और प्रदर्शन ऐसे तत्वों से भरे हैं जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़े रखते हैं।
बेंगलुरु में इस प्रीमियर की तैयारियों में स्थानीय थिएटर्स और कलाकारों का भी सहयोग हुआ है, जिससे यह प्रस्तुति और भी समृद्ध और विविध हो गई है। कार्यक्रम में LGBTQ अधिकारों के मुद्दों पर चर्चा सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समुदाय के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक समावेशन को प्रोत्साहित करना है।
टिकट्स शुरू हो चुके हैं और दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है। ‘झुमके वाली’ न केवल एक थिएटर प्रदर्शन है बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में उभरता दिख रहा है, जो बेंगलुरु में पहली मोहब्बत की गहनता और विविधता का जश्न मनाता है।
इस नाटक को देखने के लिए थिएटर प्रेमी इस सप्ताहांत बेंगलुरु के प्रमुख थिएटर हॉल में जमा होंगे। यह प्रस्तुति queer प्रेम और साथी की ताकत को समझने और महसूस करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।

