सीएम डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को बीजेपी ने किया खारिज, हेमंत खंडेलवाल ने कहा कांग्रेस फैला रही है भ्रम

Rashtrabaan

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से निराधार बताया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का किसी भी अवैध भूमि सौदे से कोई संबंध नहीं है और यह केवल राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है।

    हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं, और कांग्रेस उनकी लोकप्रियता से घबराकर निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 में जो भूमि विवरण नामांकन पत्र में दिया था, वह 2026 में भी यथावत है। मालिकाना हक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, चाहे वह 17 एकड़ भूमि हो जो मुख्यमंत्री के नाम पर है या 12.29 एकड़ भूमि जो उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज है।

    बीजेपी ने आरोपों को बताया पूरी तरह तथ्यहीन

    प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम पर दर्ज 16 एकड़ भूमि में भी मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ। यह भूमि मास्टर प्लान लागू होने से पहले की है। साथ ही, बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर है। हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के उन आरोपों को भी गलत ठहराया जिनमें मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को शामिल किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री परिवार का उन रिश्तेदारों से कोई लेना-देना नहीं है और वे अपने मामलों का स्वयं जवाब देंगे।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसका क्षेत्र 2023 में 68 एकड़ था और जून 2026 तक घटकर 65 एकड़ रह गया। उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके थे, इसलिए कंपनी के कोई भी कार्यवाही में उनका कोई संबंध नहीं है।

    कांग्रेस पर पिछड़ा वर्ग नेतृत्व को कमजोर करने का आरोप

    हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के नेताओं के खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा जब-जब प्रदेश में पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बने हैं, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस पिछड़ा वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास कार्यों के आधार पर बीजेपी का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए इस तरह के झूठे आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।

    बेहतर विकास के लिए जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताया है और वह ऐसे राजनीतिक षड्यंत्रों को समझकर स्वीकार नहीं करेगी। जनता प्रदेश में शोषित वर्गों के नेतृत्व को मजबूती देना चाहती है, इसलिए कांग्रेस के इस तरह के आरोप केवल राजनीतिक दुर्भावना के प्रतीक हैं। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के कामों को निरंतर बढ़ावा देगी और ऐसे आरोपों से विचलित नहीं होगी।

    Source

    error: Content is protected !!