आईआईटी इंदौर के सहयोग से उज्जैन में स्थापित होगा डीपटेक रिसर्च और डिस्कवरी सेंटर

Rashtrabaan

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश में विज्ञान और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन में डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर की स्थापना की जा रही है। यह सेंटर प्रदेश के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में लगभग 400 करोड़ रुपए की कुल लागत से बनाया जाएगा। इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों ने स्थान चयन और आवश्यक दिशा-निर्देशों पर गंभीर चर्चा की है।

    उज्जैन में बनने वाला यह सेंटर विज्ञान, अनुसंधान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही यह सेंटर प्रदेश को तकनीकी विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह तथा संभागायुक्त आशीष सिंह ने संयुक्त रूप से बैठक कर कार्ययोजना पर सहमति बनाई।

    आईआईटी इंदौर के सहयोग से बनेगा सेंटर

    डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर की स्थापना के लिए आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञों से सहयोग लिया जा रहा है। यह कदम विज्ञान एवं नवाचार आधारित विकास को नई दिशा देगा। सेंटर में अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

    स्थान चयन एवं निरीक्षण

    शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में स्थित संभावित स्थल का आईआईटी टीम और स्थानीय प्रशासन ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना से जुड़ी आवश्यक समायोजन और कार्यवाही को लेकर निर्देश भी दिए गए। अधिकारी इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि उज्जैन को विज्ञान क्षेत्र में नई पहचान मिल सके।

    मुख्यमंत्री की पहल से संचालित योजना

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई तकनीकी परियोजनाओं को लेकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ चर्चा की थी। इसी के तहत यह रिसर्च सेंटर स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित निवेश और विकास के लिए इस तरह के केंद्र अत्यंत आवश्यक हैं। उनकी पहल से यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।

    उज्जैन में डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर की स्थापना से प्रदेश के शोध एवं नवाचार के क्षेत्र को मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए नई नौकरी और अध्ययन के अवसर भी सृजित होंगे। यह सेंटर न केवल प्रदेश बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार का केंद्र बनेगा।

    Source

    error: Content is protected !!