नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। दिल्ली में पटाखों की अवैध बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार से राजधानी में प्रतिबंध के बावजूद पटाखों की खुलेआम बिक्री पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने बाजारों में विभिन्न प्रकार के पटाखों की बिक्री पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान पीठ ने बाजारों में पटाखों की बिक्री से संबंधित एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लिया। न्यायालय ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर अदालत के आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।
बाजारों में खुलेआम बिक रहे पटाखों पर जताई नाराजगी
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश ने कहा कि समाचार में प्रकाशित तस्वीरों से पता चलता है कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद दुकानों में पटाखे उपलब्ध हैं। बाजारों में लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले, दोनों तरह के पटाखे बेचे जा रहे हैं। यहां तक कि क्यूआर कोड वाले और बिना क्यूआर कोड वाले पटाखों की भी बिक्री हो रही है। पीठ ने इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक कदम उठाने को कहा।
दीपावली पर सीमित समय के लिए मिली थी अनुमति
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दीपावली के दौरान 7 और 8 नवंबर को केवल हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी थी। इसके लिए सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने 29 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि प्रदूषण की समस्या को देखते हुए पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध एक आदर्श समाधान हो सकता है, लेकिन फिलहाल उपलब्ध आंकड़े यह तय करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि पूर्ण प्रतिबंध ही सबसे बेहतर विकल्प है। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को अपनी पसंद की गतिविधि करने का अधिकार, भले ही उसका धार्मिक पहलू हो, असीमित नहीं है। यह अधिकार संवैधानिक सीमाओं और प्रतिबंधों से ऊपर नहीं हो सकता।
9 नवंबर से फिर लागू होगा पूर्ण प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों की ओर से पहले दिए गए निर्देशों के पालन में बरती गई लापरवाही पर नाराजगी जताई। पीठ ने स्पष्ट किया कि 9 नवंबर से पटाखों पर पहले लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा। इसके अलावा न्यायालय ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और अधिसूचित ध्वनि निषेध क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक लगाई है। इन स्थानों को पटाखा-मुक्त क्षेत्र घोषित करने के साथ ही उनकी विधिवत पहचान और निशानदेही करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अदालत के इन निर्देशों का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण करना तथा आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


