मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार जल्द खत्म, आज 30 जिलों में बारिश और आंधी, 4 जिलों में लू का अलर्ट

Rashtrabaan

    मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम की सक्रिय प्रणालियों के चलते बारिश और आंधी का दौर जारी है। धार में दो इंच और भोपाल में पौन इंच बारिश दर्ज की गई, वहीं इंदौर, उज्जैन, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, खंडवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सतना और बड़वानी जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला बना हुआ है।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को 30 जिलों में बारिश और 4 जिलों में लू के अलर्ट जारी किए हैं। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ-साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। दतिया में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि ग्वालियर में 40.2, जबलपुर में 36, भोपाल में 35.2, उज्जैन में 35 और इंदौर में 34.7 डिग्री तापमान रहा।

    भोपाल के मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के कई हिस्सों, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ समेत झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने के संकेत हैं। इसके चलते संभावना जताई जा रही है कि 27-28 जून तक मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्यतः मानसून 15 जून के आस-पास राज्य में दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार मानसून धीमी चाल के कारण देरी से पहुंच रहा है।

    मंगलवार का मौसम कैसा रहेगा?

    • जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
    • भोपाल, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, बैतूल, पांढुर्णा, अलीराजपुर, शहडोल जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा और बारिश हो सकती है।
    • नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, रीवा और सिंगरौली जिलों में गर्मी अधिक पड़ सकती है।

    अब तक कितनी हुई बारिश?

    • 1 से 22 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा के मुकाबले करीब 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 45 जिले कम बारिश की श्रेणी में हैं।
    • मौसमी आंकड़ों के अनुसार, जून के पहले 22 दिनों में औसतन 70.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 34.3 मिलीमीटर ही दर्ज हुई है। भोपाल में करीब 4.6 इंच वर्षा हो चुकी है।
    • पूर्वी हिस्से जैसे जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 71 प्रतिशत कम बारिश और भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम तथा ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों ने आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है। यह किसानों और गर्मी से प्रभावित लोगों के लिए राहत की बात होगी। हालांकि मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखना आवश्यक है ताकि किसी भी तरह की आपदा से बचा जा सके।

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