आंध्र प्रदेश के शिक्षा और मानव संसाधन विकास मंत्री नर लोकेश ने अधिकारियों को कादपा मॉडल के आधार पर स्मार्ट किचन बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मॉडल की सफलता को देखते हुए पूरे राज्य में इसे लागू किया जाना चाहिए ताकि छात्रों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
मंत्री नर लोकेश ने भी तल्लिकी वंदनम की योजना का विस्तार करने की बात कही, जिसमें अनाथ बच्चों को इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा। उनका कहना है कि शिक्षा का स्तर सुधारने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी ज़रूरतमंद बच्चों को उचित सहयोग तथा संसाधन मिलें।
आंध्र प्रदेश ने PM SHRI (प्रधान मंत्री स्कूल्स फॉर हिमन रिसोर्स डेवलपमेंट) फंड के उपयोग में देश में सबसे अग्रणी स्थिति हासिल की है। यह मील का पत्थर राज्य सरकार के कड़े प्रयासों और सटीक योजना के कारण संभव हुआ है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फंड का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनीटरिंग की जाए।
विद्यार्थियों की सेहत और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए, स्मार्ट किचन मॉडल में उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण और पोषणयुक्त भोजन की व्यवस्था की जाती है, जिससे बच्चे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें। नर लोकेश ने इस बात पर भी जोर दिया कि कुकिंग और सफाई की आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाए ताकि संसाधनों की बचत हो सके और स्वच्छता बनी रहे।
सरकार की इस पहल से अनाथ बच्चों को मिलने वाली तल्लिकी वंदनम की सहायता भी बढ़ेगी, जो उनके शैक्षणिक यात्रा में सहारा बनेगी। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को आर्थिक और पोषण संबंधी मदद देना है ताकि वे निरंतर पढ़ाई कर सकें और जीवन में सफल हों।
मंत्री नर लोकेश के दिशा-निर्देशों के तहत, आंध्र प्रदेश में शिक्षण संस्थानों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। उनके नेतृत्व में फंड का उपयोग प्रभावी ढंग से हो रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही स्कूलों एवं विद्यार्थियों के रूप में नजर आने की उम्मीद है।
इस प्रकार, आंध्र प्रदेश ने न केवल PM SHRI फंड के उपयोग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, बल्कि शिक्षण संसाधनों के आधुनिकीकरण और सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से राज्य के बच्चों के उज्जवल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की है।

