सितार वादक पुरबायण चटर्जी: सफलता विरासत नहीं, योग्यता पर होनी चाहिए आधारित

Rashtrabaan

    संगीत की दुनिया में अपने अनूठे अंदाज और उत्कृष्ट कौशल के लिए पहचाने जाने वाले सितार वादक पुरबायण चटर्जी ने हाल ही में एक ऐसे विषय पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं जो कलाकारों और संगीत प्रेमियों दोनों के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि सफलता को केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर मान्यता मिलनी चाहिए, न कि किसी विरासत या अनुवांशिक Privilege के कारण।

    पुरबायण चटर्जी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें कई महान संगीतकारों से प्रेरणा मिली है जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत कोशिशों से एक अलग मुकाम हासिल किया। “मुझे ऐसे कलाकारों से प्रेरणा मिलती है जिन्होंने अपने दम पर रास्ता बनाया है, जो अपने कौशल से संगीत की दुनिया में अपनी छाप छोड़ गए हैं,” उन्होंने कहा।

    इतना ही नहीं, पुरबायण ने अपनी हालिया एल्बम ‘Feathered Creatures’ के बारे में भी बताया, जो हाल ही में रिलीज हुई है और जिसमें उन्होंने ग्रैमी विजेता गिटारिस्ट मार्क लेटियरी के साथ काम किया है। उन्होंने इस सहयोग की विशेषता बताते हुए कहा कि यह एल्बम उनके संगीत की व्यापक समझ और विविधता को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि इस एल्बम के माध्यम से वे श्रोताओं को संगीत के एक नए आयाम से रूबरू कराना चाहते हैं, जहां भारतीय शास्त्रीय संगीत की जड़ें और पश्चिमी संगीत के आधुनिक तत्व खूबसूरती से एकीकृत हुए हैं। “यह संयोग होना ही था कि मार्क लेटियरी जैसे कलाकार से मिलने के बाद हमने संगीत के ऐसे स्वरूप पर काम किया जो दोनों शैलियों को प्रभावित करता है,” पुरबायण ने जोड़ा।

    पुरबायण चटर्जी का मानना है कि संगीत में सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी है अपने हुनर को लगातार निखारना और अपनी प्रतिभा को सही दिशा देना। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों को चाहिए कि वे अपने प्रयासों और मेहनत को ही परखें न कि अपने पारिवारिक या सामाजिक परिवेश को।

    उनकी इस सोच से युवा संगीतकारों को प्रोत्साहन मिलता है कि वे बाधाओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें। पुरबायण चटर्जी की यह दृष्टि केवल संगीत के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सभी पेशेवर क्षेत्रों में योग्यता और मेहनत की अहमियत को दर्शाती है।

    इस प्रकार, पुरबायण चटर्जी ने एक जरूरी संदेश दिया है कि कलाकार की असली कसौटी उसके प्रयास और कौशल है न कि उसका सामाजिक या पारिवारिक दर्जा। उनकी नई एल्बम ‘Feathered Creatures’ इस सोच के अनुरूप एक उत्कृष्ट उदहारण है, जो संगीत के माध्यम से अलग-अलग संस्कृतियों और शैलियों को जोड़ने का प्रयास करती है।

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