मध्यप्रदेश के नीमच जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत तुमड़िया गांव में एक बड़ी आपराधिक घटना ने इलाके को हिला कर रख दिया है। शुक्रवार को दो नाबालिग बच्चियां खेत से घर लौट रही थीं, तभी एक सफेद रंग की ईको कार आई और उसमें सवार युवकों ने दोनों बच्चियों को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर छोड़ने से मना कर फरार होने की कोशिश की। लेकिन बच्चियों के तेज शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और अपहरणकर्ताओं का पीछा शुरू किया।
घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने घटनास्थल की सूचना आसपास के इलाकों में भी फैला दी, जिससे कई गांव के लोग सतर्क हो उठे। इस सतर्कता की वजह से आरोपी जल्दी पकड़े गए।
ग्रामीणों की बहादुरी से ढकी रह गई आपराधिक साजिश
बच्चियों की चिल्लाहट सुनते ही स्थानीय ग्रामीण भेरूलाल जटिया और प्रहलाद बैरागी ने बिना देर किए बाइक से सफेद ईको कार का पीछा करना शुरू किया। आरोपियों ने पीछा छुड़ाने के लिए बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक चालक घायल हो गए, लेकिन वे पीछे नहीं हटे और अपनी एकजुटता से दूसरे ग्रामीणों को भी सूचना देते रहे।
आरोपी बीजापुर, दौलतपुरा, पालछा व चडोल होते हुए भाग रहे थे, जहां आगे के ग्रामीणों ने ट्रैक्टर सड़क पर खड़ा कर रास्ता रोकने की योजना बनाई। करीब 25 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद कार रोकी गई और दो आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि तीसरा भाग निकला। दोनों बच्चियों को सुरक्षित निकाला गया और परिजनों को सौंप दिया गया। यह घटना सामूहिक सतर्कता की ताकत को उजागर करती है।
पुलिस की जांच जारी, आरोपी नाबालिग
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी भी नाबालिग हैं जिनमें से एक सरवानिया मसानी और दूसरा खोर क्षेत्र का रहने वाला है। आरोपियों को जाट पुलिस चौकी के बाद रतनगढ़ थाने सौंपा गया है। पुलिस उन पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर रही है और फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनके साथ बरामद ईको कार के अंदर एक अन्य बच्ची की चप्पल और कांच पर लगाए जाने वाला गत्ता मिला है, जिससे पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं कार का इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में तो नहीं हुआ। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में लगी है और जल्द कार्रवाई की बात कर रही है।

