मुंबई, राष्ट्रबाण। भारतीय नौसेना ने मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर हथियारबंद समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज के सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। करीब 48 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान में नौसेना के विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने अहम भूमिका निभाई। इस संयुक्त कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने भी सहयोग किया। समुद्री लुटेरों ने ‘अजिनी’ नामक मछली पकड़ने वाले जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था, जिसके बाद नौसेना ने कार्रवाई करते हुए जहाज को मुक्त कराया।
आईएनएस कोलकाता ने संभाली अभियान की कमान
इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों के कब्जे वाले जहाज को चारों ओर से घेर लिया। अभियान में भारी हथियारों से लैस कमांडो भी शामिल थे, जिन्होंने संदिग्ध समुद्री लुटेरों की घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया। करीब दो दिनों तक चले इस अभियान के बाद जहाज पर सवार सभी 20 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल संयुक्त अभियान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना ने बेहद समन्वित तरीके से कार्रवाई को अंजाम देकर अपनी उच्च परिचालन तत्परता और क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह अभियान हिंद महासागर क्षेत्र में नागरिकों की जान बचाने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पहले के अभियानों से भी अधिक दूरी पर कार्रवाई
भारतीय नौसेना का यह अभियान उसकी पिछली बड़ी कार्रवाइयों की तुलना में अधिक दूरी पर अंजाम दिया गया। इससे पहले मार्च 2024 में आईएनएस कोलकाता ने भारतीय तट से करीब 2,600 किलोमीटर दूर एमवी रुएन जहाज को समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराया था। मौजूदा अभियान में यह दूरी 3,000 किलोमीटर से अधिक रही। समुद्री डकैती और अन्य सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए भारतीय नौसेना अरब सागर, अदन की खाड़ी और अफ्रीका के पूर्वी तट पर 10 से अधिक युद्धपोत तैनात कर लगातार गश्त कर रही है। वर्ष 2008 से जारी इन अभियानों के जरिए भारत सुरक्षित समुद्री मार्गों और मुक्त एवं सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।


