दिल्ली में प्रदूषण का प्रहार! ग्रैप-2 लागू, कई इलाकों में AQI 300 के पार

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • दिल्ली की हवा में घुला प्रदूषण, धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के निर्देश
  • 18 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। दीपावली और सर्दियों की शुरुआत से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। राजधानी की बिगड़ती हवा को देखते हुए सोमवार 2 नवंबर से पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का दूसरा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अनुसार, प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। कई इलाकों में धुंध की मोटी परत दिखाई दी, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई।

    कई इलाकों में बेहद खराब श्रेणी में पहुंची हवा

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) काफी खराब दर्ज किया गया। इंडिया गेट और जनपथ के आसपास एक्यूआई 335, आईटीओ में 349 और अक्षरधाम के पास 349 दर्ज किया गया। सीएक्यूएम के मुताबिक, 31 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई 117 था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 हो गया। इसके बाद सोमवार को भी प्रदूषण का स्तर बढ़ने की स्थिति बनी रही।

    ग्रैप-2 के तहत बढ़ाई जाएंगी पाबंदियां

    प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रैप के दूसरे चरण के तहत कई कदम उठाए जाएंगे। इसमें सड़कों की मशीनों से सफाई, धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा पार्किंग शुल्क बढ़ाने और निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के उपाय किए जाएंगे। होटल और रेस्तरां में कोयले तथा लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के साथ डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी नियंत्रण रखा जाएगा। ग्रैप लागू होने के बाद दिल्ली के गाजीपुर इलाके में जांच के चलते दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।

    18 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी

    एक ओर दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के 18 राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी मौसमी प्रणाली से जुड़े चक्रवात मुरासु के 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना जताई गई है।

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