नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू इन दिनों सऊदी अरब के दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने जेद्दा स्थित प्रसिद्ध अल-रहमा मस्जिद का भ्रमण किया। लाल सागर के तट पर बनी इस खूबसूरत मस्जिद को ‘फ्लोटिंग मस्जिद’ के नाम से भी जाना जाता है। केंद्रीय मंत्री ने इस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए मस्जिद की आध्यात्मिक महत्ता और वास्तुकला की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्थल आध्यात्मिक महत्व और वास्तुकला की सुंदरता का अनूठा संगम है तथा सऊदी अरब की समृद्ध इस्लामी विरासत को दर्शाता है। रिजिजू सऊदी अरब के जेद्दा में आयोजित छठे हज सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2027 में शामिल होने पहुंचे हैं। इस दौरान वे सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय हज समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य आगामी हज यात्रा के दौरान भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सऊदी अधिकारियों के साथ होने वाली बातचीत में भारतीय हज यात्रियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हज 2027 की तैयारियों की समीक्षा
हज 2027 की तैयारियों को लेकर पिछले महीने भारत और सऊदी अरब के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। भारतीय राजदूत विपुल ने जेद्दा में सऊदी अरब के हज एवं उमराह उपमंत्री अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात से मुलाकात की थी। इस बैठक में भारत के महावाणिज्य दूत फहद सूरी और हज मामलों की कॉन्सुल सदफ चौधरी भी मौजूद थीं। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आगामी हज यात्रा की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। साथ ही भारतीय हज मिशन और सऊदी अरब के संबंधित मंत्रालय के बीच बेहतर तालमेल और लगातार समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की गई, ताकि भारतीय यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हज यात्रियों की सुविधाओं का लिया जायजा
तैयारियों के सिलसिले में भारतीय राजदूत ने जेद्दा हवाई अड्डे के हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया था। ये दोनों केंद्र हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से यात्रा करने वाले एक लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के आगमन और आगे की यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। दौरे के दौरान राजदूत ने वहां उपलब्ध सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और परिचालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों से आगामी हज यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। भारत और सऊदी अरब के बीच लगातार हो रही बैठकों और समन्वय का उद्देश्य हज 2027 के दौरान भारतीय तीर्थयात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।



