चीन की बढ़ती ताकत से चिंतित फिलीपींस, भारत से खरीदेगा 60 और ब्रह्मोस मिसाइलें; 7,100 करोड़ की डील की तैयारी

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • दक्षिण चीन सागर में चीन को चुनौती देने की तैयारी, फिलीपींस ने भारत के सामने रखी पांच अतिरिक्त ब्रह्मोस सिस्टम की मांग
  • करीब 700 से 800 मिलियन डॉलर की हो सकती है डील, फिलीपींस अपनी सैन्य जरूरतों के मुताबिक मिसाइल सिस्टम में चाहता है बदलाव

नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और दबदबे के बीच फिलीपींस अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने में जुटा है। इसी कड़ी में फिलीपींस भारत से अतिरिक्त ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम खरीदने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलीपींस करीब 60 अतिरिक्त मिसाइलों के साथ पांच और ब्रह्मोस सिस्टम खरीदने का इच्छुक है। इस संभावित सौदे की कीमत 700 से 800 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6,200 से 7,100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

चीन को चुनौती देने के लिए बढ़ाएगा सैन्य ताकत

दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी और क्षेत्र में उसके दावों को लेकर फिलीपींस की चिंता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वह अपनी समुद्री सुरक्षा और सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए आधुनिक हथियारों पर जोर दे रहा है। भारत की ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को फिलीपींस अपनी रक्षा रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहा है। इसी कारण वह भारत से पहले की तुलना में अधिक मिसाइल सिस्टम खरीदना चाहता है।

पांच अतिरिक्त सिस्टम और 60 मिसाइलों की मांग

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फिलीपींस भारत से लगभग पांच अतिरिक्त ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है। इन सिस्टम के साथ करीब 60 मिसाइलें शामिल हो सकती हैं। इस संभावित समझौते की अनुमानित कीमत 700 से 800 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। हालांकि, यह सौदा अभी संभावित चरण में है और इसे अंतिम रूप दिए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अपनी जरूरतों के मुताबिक बदलाव चाहता है फिलीपींस

फिलीपींस ने प्रस्तावित मिसाइल सिस्टम को लेकर भारत के सामने कुछ विशेष जरूरतें भी रखी हैं। वह चाहता है कि सिस्टम में आवश्यक बदलाव किए जाएं, ताकि उसे देश की भौगोलिक परिस्थितियों, समुद्री सीमाओं और सैन्य ढांचे के अनुरूप इस्तेमाल किया जा सके। इससे फिलीपींस को अपनी रक्षा रणनीति के तहत मिसाइल प्रणाली का अधिक प्रभावी उपयोग करने में मदद मिल सकती है। यदि यह समझौता आगे बढ़ता है, तो भारत के रक्षा निर्यात को एक और बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। साथ ही, भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा सहयोग भी मजबूत होगा। ब्रह्मोस मिसाइल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग भारत के रक्षा उत्पादन और सैन्य तकनीक के निर्यात की संभावनाओं को भी दर्शाती है।

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