नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। दीपावली की शाम से ही दिल्ली-NCR की हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। घरों में दीप जलने और आसमान में रोशनी फैलने के बीच राजधानी और आसपास के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में AQI 446 दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद का आंकड़ा 763 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। नोएडा में भी AQI 603 दर्ज किया गया। पटाखों का धुआं फैलने से पहले ही हवा की खराब स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार
शाम 6 बजे के आसपास जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के नॉर्थ कैंपस में AQI 446 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। चांदनी चौक में यह आंकड़ा 434, अलीपुर में 431 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 443 रहा। इसी तरह बवाना में 435 और मुंडका में 415 AQI दर्ज किया गया। वहीं, वजीरपुर में AQI 392, नांगलोई में 394 और ओखला फेज-2 में 391 रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर स्थिति तक पहुंच चुकी थी।
दिल्ली का औसत AQI 374, NCR के शहरों में भी बिगड़े हालात
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 374 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। राजधानी में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण की पाबंदियां लागू थीं। अन्य इलाकों की बात करें तो मंदिर मार्ग में AQI 386, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के पास 392 और आईआईटी दिल्ली में 376 दर्ज किया गया। दिलशाद गार्डन स्थित IHBAS स्टेशन पर यह आंकड़ा 345 रहा। वहीं, श्री अरबिंदो मार्ग में AQI 284 और IGNOU मैदानगढ़ी में 246 दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग था। दिल्ली से सटे शहरों में भी स्थिति चिंताजनक रही। उपलब्ध लाइव रैंकिंग के अनुसार, गाजियाबाद में AQI 763 और नोएडा में 603 दर्ज किया गया। मेरठ में यह आंकड़ा 371 रहा, जबकि गुरुग्राम में शाम 6 बजकर 21 मिनट के आसपास AQI 228 दर्ज किया गया। इन शहरों में PM2.5 और PM10 प्रमुख प्रदूषकों के रूप में सामने आए। हालांकि, अलग-अलग निगरानी प्लेटफॉर्म और AQI स्केल के कारण इन आंकड़ों की सीधी तुलना करना उचित नहीं है।
पटाखों के धुएं से और बिगड़ सकती है हवा
दीपावली की शाम ही प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ जाना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषकों की मात्रा बढ़ा सकता है। इसके अलावा मौसम की स्थिति, हवा की गति और वातावरण में प्रदूषकों के फैलाव की क्षमता भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती है। ऐसे में दीपावली की रात प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खराब हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे लोगों को अनावश्यक रूप से खुले में जाने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। त्योहार की खुशियों के बीच स्वच्छ हवा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।



