ग्वालियर की रहने वाली कृष्णा शर्मा ने अपने खेल से न सिर्फ शहर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। लंबे समय से हॉकी में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही कृष्णा का चयन भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में हुआ है।
इस दौरे की शुरुआत 5 जुलाई से होगी, जिसमें भारतीय टीम का मुकाबला स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की जूनियर टीमों से होगा। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए इंटरनेशनल अनुभव हासिल करने का बड़ा मौका मानी जा रही है।
कृष्णा शर्मा की प्रेरणादायक जर्नी
कृष्णा शर्मा का सफर आसान नहीं रहा है। एक साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की। उनके पिता सुनील शर्मा एक सिक्योरिटी सर्विस कंपनी चलाते हैं और हमेशा अपनी बेटी के सपनों के साथ खड़े रहे।
साल 2019 में कृष्णा ने मध्यप्रदेश महिला हॉकी अकादमी से अपने करियर की शुरुआत की थी। यहीं से उनकी ट्रेनिंग और प्रोफेशनल सफर की नींव रखी गई। कोचों के मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी।
साल 2023 में उन्हें भारतीय अंडर-18 टीम के साथ नीदरलैंड और बेल्जियम टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया। इसके बाद उन्होंने लगातार कई राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
संघर्ष, ताने और मेहनत से टीम इंडिया तक का सफर
कृष्णा शर्मा की कहानी सिर्फ खेल की नहीं बल्कि संघर्ष की भी कहानी है। शुरुआती दिनों में उन्हें समाज की सोच और तानों का भी सामना करना पड़ा। खेल के दौरान स्कर्ट पहनने को लेकर कई बार उन्हें आलोचनाएं सुननी पड़ीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
उन्होंने हर आलोचना का जवाब अपने प्रदर्शन से दिया और खुद को साबित किया। यही वजह है कि आज वह भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। साल 2022 से 2025 के बीच उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते, जिसमें सिल्वर, गोल्ड और ब्रॉन्ज सभी शामिल हैं।
उनकी उपलब्धियों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स, हॉकी इंडिया चैंपियनशिप और यूनिवर्सिटी लेवल टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन शामिल है। कोचों के अनुसार, कृष्णा में भविष्य की सीनियर भारतीय टीम की मजबूत खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है।
आज ग्वालियर की यह बेटी सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी सपने को पूरा किया जा सकता है।

