रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की मेगा रैली, राहुल-खड़गे समेत कई नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • 'मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' के नारे से गूंजा रामलीला मैदान, विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
  • राहुल से खड़गे तक ने उठाए वोट चोरी के मुद्दे, अखिलेश और तेजस्वी ने भी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की मेगा रैली आयोजित की गई। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला समेत गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली में नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। नेताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

    खड़गे बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट होना जरूरी

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि रामलीला मैदान का ‘चलो दिल्ली मार्च’ ऐतिहासिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और महिलाओं के वोट छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई। खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी को साथ आना होगा।

    राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सरकार पर उठाए सवाल

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ईडी और पुलिस जैसी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं जनता की हैं, किसी राजनीतिक दल या नेता की नहीं। राहुल ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा करते हुए 2024 के चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान किसी भी सरकार और नेता से बड़ा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि रैली के दौरान कनॉट प्लेस की दुकानों को जबरन बंद करवाया गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि जनता को समझना चाहिए कि व्यापारियों के नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है।

    तेजस्वी यादव ने सॉफ्टवेयर टेंडर पर मांगा जवाब

    आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने टीसीएस और सीमा खन्ना के साथ कथित मिलीभगत के आरोपों पर टेंडर और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं का निष्पक्ष रहना बेहद जरूरी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र के लिए सबसे जरूरी है कि संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र होकर काम करें। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संस्थाएं सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।

    अखिलेश यादव बोले- लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन की आवाज का असर दिखाई दे रहा है। अखिलेश ने भाजपा के डबल इंजन सरकार के नारे पर तंज कसते हुए काशी में ‘डबल जीरो’ मिलने की बात कही।

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