CM विष्णुदेव साय की चिट्ठी पाकर भावुक हुए युवा लोककलाकार प्रांजल सिंह, भरथरी गायन के जरिए सहेज रहे छत्तीसगढ़ की संस्कृति

Chhattisgarh Rashtrabaan

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में जुटे युवा कलाकार प्रांजल सिंह राजपूत को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से मिला प्रोत्साहन भरा पत्र बड़ी खुशी दे गया। मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से उनकी कला साधना, शिक्षा और भरथरी लोकगायन के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री से मिली इस प्रशंसा से प्रांजल और उनका परिवार बेहद भावुक और उत्साहित है।

    मुख्यमंत्री की चिट्ठी से बढ़ा प्रांजल का उत्साह

    मुख्यमंत्री का पत्र मिलने पर प्रांजल सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके और उनके परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी कला के साथ-साथ शिक्षा की भी सराहना की है। यह स्नेह और प्रोत्साहन उन्हें छत्तीसगढ़ी लोककला को आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा देगा।

    भौतिकी में पोस्ट ग्रेजुएशन, लोककला में भी बनाई पहचान

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में प्रांजल की बहुमुखी प्रतिभा का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि भौतिकी (फिजिक्स) में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के बावजूद प्रांजल ने लोकसंगीत की पारंपरिक विधाओं को जीवंत बनाए रखने का काम किया है। श्रीमती रेखा जलक्षत्री के मार्गदर्शन में उन्होंने भरथरी लोकगायन सीखा और अब इस कला को नए साधकों तक पहुंचा रहे हैं।

    प्रांजल अपनी भरथरी प्रस्तुतियों में गायन के साथ अभिनय और नृत्य का भी अनूठा समावेश करते हैं। इसके अलावा ‘अहिल्या गाथा’ की प्रस्तुति के जरिए उन्होंने लोककला में नए रचनात्मक प्रयोग भी किए हैं।

    नई पीढ़ी को मुफ्त में सिखा रहे भरथरी लोकगायन

    प्रांजल सिंह केवल मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन ही नहीं कर रहे, बल्कि नई पीढ़ी को भी इससे जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वे ‘लोकगाथा भरथरी’ के माध्यम से नए कलाकारों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं, ‘आकार’ शिविर के जरिए बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक को कला की बारीकियां सिखा रहे हैं।

    उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कई कलाकार अब अलग-अलग मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

    लोकपरंपराओं को आगे बढ़ाने में Gen Z की अहम भूमिका

    मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का भी जिक्र किया, जिसमें देश की प्राचीन लोकपरंपराओं और कथावाचन की विभिन्न शैलियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भरथरी लोकगायन को सीखने और सिखाने की दिशा में प्रांजल का प्रयास इसी सोच को मजबूत करता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रांजल को Gen Z पीढ़ी के उन प्रतिभाशाली युवाओं में शामिल बताया, जो छत्तीसगढ़ की लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को भविष्य में नई पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं। साथ ही उन्होंने प्रांजल के पिता कमलेश सिंह और माता ममता राजपूत को शुभकामनाएं देते हुए युवा कलाकार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    error: Content is protected !!