CG Dhan Kharidi 2026: छत्तीसगढ़ में 10 नवंबर से मिलेगा धान खरीदी का टोकन, जमीन के रकबे के हिसाब से तय हुई सीमा, जानें पूरा नियम

Chhattisgarh Rashtrabaan

    रायपुर :छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। इससे पहले किसानों को 10 नवंबर से टोकन जारी किए जाएंगे। इस बार किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। किसान घर बैठे मोबाइल के जरिए ‘तुहर टोकन’ एप से धान बिक्री के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने टोकन व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नए नियम निर्धारित किए हैं। इसके तहत किसानों के पंजीकृत कृषि रकबे के आधार पर टोकन की अधिकतम संख्या तय की गई है। छोटे और सीमांत किसानों को ऑनलाइन टोकन व्यवस्था में विशेष प्राथमिकता मिलेगी। वहीं, प्रत्येक किसान को निर्धारित सीमा के अनुसार ही टोकन जारी किए जाएंगे।

    10 नवंबर से शुरू होगी टोकन की प्रक्रिया

    प्रदेश में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी, जबकि किसानों को 10 नवंबर से टोकन मिलने लगेंगे। किसान ‘तुहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। एप में ओटीपी आधारित पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

    इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को टोकन लेने के लिए सहकारी समितियों और उपार्जन केंद्रों में लंबी कतारों से राहत दिलाना है। किसान मोबाइल के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार टोकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    कितनी जमीन पर कितने टोकन मिलेंगे?

    खाद्य विभाग ने किसानों के पंजीकृत कृषि रकबे के आधार पर टोकन की अधिकतम संख्या निर्धारित की है। इसके अनुसार नियम इस प्रकार हैं:

    पंजीकृत कृषि रकबाअधिकतम टोकन
    2 एकड़ तक1 टोकन
    2 एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक2 टोकन
    10 एकड़ से अधिक3 टोकन

    इस व्यवस्था के तहत किसान अपने पंजीकृत रकबे और निर्धारित धान खरीदी सीमा के अनुसार ही टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

    घर बैठे मोबाइल से ऐसे मिलेगा धान खरीदी का टोकन

    किसानों को ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने के लिए सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से ‘Token Tuhar’ मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद एप में मांगी गई जानकारी दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से पंजीयन पूरा करना होगा।

    पंजीयन के बाद किसान उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार धान बिक्री के लिए टोकन का आवेदन कर सकेंगे। एप के जरिए पंजीयन, जमीन के रकबे और धान बिक्री से संबंधित जानकारी भी देखी जा सकेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि आवेदन के दौरान अपना मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी जानकारी सही दर्ज करें।

    70 प्रतिशत ऑनलाइन और 30 प्रतिशत टोकन समिति से मिलेंगे

    इस बार धान खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन निर्धारित खरीदी क्षमता के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे। इसमें 70 प्रतिशत क्षमता ऑनलाइन टोकन के लिए और शेष 30 प्रतिशत क्षमता सहकारी समितियों के माध्यम से टोकन जारी करने के लिए निर्धारित की गई है।

    ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था में भी छोटे और बड़े किसानों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। ऑनलाइन हिस्से के 70 प्रतिशत में से 80 प्रतिशत क्षमता लघु एवं सीमांत किसानों के लिए और 20 प्रतिशत बड़े किसानों के लिए आरक्षित रहेगी।

    इसे ऐसे समझें: यदि किसी धान खरीदी केंद्र की प्रतिदिन खरीदी क्षमता 1,000 क्विंटल है, तो इसमें:

    • 700 क्विंटल के लिए ऑनलाइन टोकन जारी होंगे।
    • 300 क्विंटल के लिए समिति स्तर पर टोकन मिलेंगे।
    • ऑनलाइन हिस्से के 700 क्विंटल में से 560 क्विंटल छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए होंगे।
    • शेष 140 क्विंटल बड़े किसानों के लिए निर्धारित रहेंगे।

    प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की होगी खरीदी

    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदा जाएगा। टोकन के लिए आवेदन करते समय किसानों को अपनी बिक्री योग्य धान की मात्रा सही-सही दर्ज करनी होगी।

    धान खरीदी की प्रक्रिया पंजीकृत रकबे और निर्धारित खरीदी सीमा के आधार पर पूरी की जाएगी। इसलिए किसानों को आवेदन करते समय जमीन और धान की मात्रा से जुड़ी जानकारी सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी गई है।

    आधार ओटीपी से होगा पंजीयन, गड़बड़ी रोकने की तैयारी

    ऑनलाइन टोकन व्यवस्था में किसान की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित ओटीपी सत्यापन की सुविधा रखी गई है। इसका उद्देश्य गलत जानकारी के आधार पर पंजीयन और टोकन व्यवस्था में होने वाली संभावित अनियमितताओं को रोकना है।

    किसानों को आवेदन से पहले अपने आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी जांच लेने की सलाह दी गई है। ओटीपी प्राप्त करने में परेशानी होने पर संबंधित सहकारी समिति या विभागीय सहायता केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।

    टोकन में परेशानी हो तो इस हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत

    धान खरीदी और टोकन व्यवस्था से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए किसान खाद्य विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।

    सरकार का मानना है कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसानों का समय बचेगा और समितियों में अनावश्यक भीड़ कम होगी। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे 10 नवंबर से शुरू होने वाली टोकन प्रक्रिया की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें, ताकि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने पर उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

    error: Content is protected !!