छत्तीसगढ़ में 62 हजार 500 कर्मचारियों के ट्रांसफर पर लगी रोक, सरकार ने जारी किया आदेश; जानें वजह

Chhattisgarh Rashtrabaan

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने जनगणना कार्य में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर अगले छह महीने तक रोक लगा दी है। इस निर्णय से प्रदेश के करीब 62 हजार 500 अधिकारी-कर्मचारी प्रभावित होंगे। सरकार का उद्देश्य जनगणना से जुड़े कामों को बिना किसी रुकावट के समय पर पूरा कराना है।

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    सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

    जनगणना कार्य की गंभीरता और समयसीमा को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार जयसवार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। निर्देश के मुताबिक, जनगणना कार्य में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का अगले छह महीने तक अथवा जनगणना का काम पूरा होने तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

    सरकार का मानना है कि जनगणना के दौरान कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और तैनाती में बदलाव होने से काम प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    33 जिलों में तैयार किया गया जनगणना का ढांचा

    छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण यानी मकान सूचीकरण के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और 19 हजार 978 गांवों को शामिल किया गया है।

    पूरे अभियान के संचालन के लिए 251 ग्रामीण चार्ज और 221 नगरीय चार्ज बनाए गए हैं। वहीं, मकान सूचीकरण के लिए प्रदेशभर में कुल 48 हजार 754 गणना ब्लॉक तैयार किए गए हैं। इन क्षेत्रों में आंकड़े जुटाने और प्रशासनिक कार्यों को संभालने के लिए करीब 62 हजार 500 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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    कलेक्टर से लेकर प्रगणकों तक को मिली जिम्मेदारी

    जनगणना के इस बड़े अभियान में अलग-अलग स्तरों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 33 जिलों के कलेक्टर और 14 नगर निगमों के आयुक्त हैं।

    इसके अलावा 250 जिला स्तरीय अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 60 मास्टर ट्रेनर्स और 1,100 फील्ड ट्रेनर्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, जमीनी स्तर पर मकान सूचीकरण और आंकड़े जुटाने के लिए 52 हजार 705 प्रगणक तथा 9 हजार 319 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

    सरकार के इस आदेश के बाद जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों की मौजूदा तैनाती बरकरार रहेगी। इससे मकान सूचीकरण का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

     

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