पूरे देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो, तुष्टिकरण की राजनीति खत्म करने का समय आ गया: उज्ज्वल दीपक

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    रायपुर। भाजपा नेता उज्ज्वल दीपक ने पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने और ‘लव जिहाद’ व धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि अब पूरे देश में समान कानून लागू करने का समय आ गया है।

    उज्ज्वल दीपक ने स्पष्ट किया कि केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित रहकर कानूनों को लागू करना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, “अब पूरा भारत देश ऐसे कानूनों को अपनाने का समय आ गया है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और जिम्मेदारी दें। दशकों से चल रही तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करना जरूरी है। देश में किसी भी समुदाय या धर्म विशेष को अलगा दर्जा देकर भेदभाव करना बंद होना चाहिए। हर नागरिक के लिए कानून एक समान होना चाहिए।”

    उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी के बयान का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रणब मुखर्जी ने यह कहा था कि नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें तीन बार लगातार बहुमत प्राप्त हुआ है। यह तथ्य काफी महत्वपूर्ण है और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल को स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।

    उज्ज्वल दीपक ने सोनिया गांधी के हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 2014 में यूपीए सरकार समाप्त हो चुकी है और उसके बाद भारत की विदेश नीति पूरी तरह से बदल चुकी है। वर्तमान सरकार पिछले 12 वर्षों से देश के विदेश मामलों की जिम्मेदारी समर्पित रूप से निभा रही है। इसलिए विदेश नीति संबंधित किसी भी मुद्दे को केवल विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री ही उचित तरीके से संबोधित कर सकते हैं।

    इसके अलावा, सीबीएसई द्वारा तीन भाषा फॉर्मूला लागू करने के निर्णय को उज्ज्वल दीपक ने पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है जहां अनेक भाषाएं और बोलियां आती हैं। सीबीएसई का उद्देश्य हर छात्र को उनकी सहज भाषा में शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे आराम से पढ़ाई कर सकें। ऐसी पहल शिक्षा को और अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाएगी, जिसका स्वागत सभी को करना चाहिए।

    उज्ज्वल दीपक के इन बयानों से स्पष्ट होता है कि वे एक समतावादी और समानता आधारित समाज के पक्षधर हैं जहां हर नागरिक को कानून की समान छाया में रखा जाए। उन्होंने राजनीति में हो रहे तुष्टिकरण को समाप्त करने और देश के हित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया है। यह कदम निश्चित ही देश की सामाजिक एकता और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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