एमएलसी चुनाव निर्विरोध कराने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों को रिश्वत की पेशकश: कांग्रेस

Rashtrabaan

    बुलढाणा। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों को निर्विरोध कराने के लिए भाजपा विपक्षी उम्मीदवारों को भारी मात्रा में पैसे की लालच दे रही है। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र की जड़ें खोखली हो रही हैं और सत्ता के लिए भाजपा किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

    सपकाल ने बुलढाणा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भाजपा ने एमएलसी चुनावों में राजनीतिक नैतिकता को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में भाजपा ऐसे कदम उठा रही है जिससे चुनाव प्रक्रिया का विकल्प नामांकन प्रक्रिया में तब्दील हो गया है, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

    उन्होंने विस्तार से समझाया कि विधान परिषद चुनावों में मतदाता स्थानीय स्वशासन निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं, जिससे मतदान का दायरा सीमित रहता है। इसके बावजूद, भाजपा और उसके महायुति गठबंधन के तहत चुनावों में धनबल एवं राज्य मशीनरी का ग़ैरक़ानूनी रूप से उपयोग किया जा रहा है। विपक्षी उम्मीदवारों को करोड़ों रुपए की पेशकश कर उनके नामांकन वापस लेने को मजबूर किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के प्रति विश्वासघात है।

    सपकाल ने कहा, “यह एक षड्यंत्र है जिसमें धन का वितरण बड़े पैमाने पर हो रहा है। भाजपा की इस आक्रामक रणनीति से लोकतंत्र को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होना चाहिए, लेकिन यहां चुनाव प्रणाली को पूरी तरह भ्रष्ट किया जा रहा है।”

    उन्होंने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच सांठगांठ है, जो इस गड़बड़ी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लगातार चुनाव परिणामों और सीटों की संख्या पर जोर देना उसके लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट करने के इरादे को उजागर करता है।

    सपकाल ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की कम सीटों के आधार पर हो रही आलोचनाओं का भी खंडन किया और उदाहरण देते हुए बताया कि 1984 में भाजपा के लोकसभा में केवल दो सांसद थे लेकिन तब भी उनके अस्तित्व पर कोई सवाल नहीं उठाया गया था।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के लिए यह बेहद चिंताजनक है कि एक चुनाव प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार और शक्ति दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे रोकना आवश्यक है ताकि लोकतंत्र की आत्मा में जान बनी रहे। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को मिलकर ऐसे प्रयासों का विरोध करना होगा ताकि लोकतंत्र की रक्षा हो सके।

    Source

    error: Content is protected !!