मध्य प्रदेश में मानसून ने अपनी रफ्तार धीमी कर दी है, जिसके चलते अगले तीन-चार दिनों तक मानसून के आगे बढ़ने की संभावना कम नजर आ रही है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूरे प्रदेश में 1 से 2 जुलाई 2026 तक बादल छाए रहेंगे और बारिश का दौर जारी रहेगा। रविवार को मध्य प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी, मेघगर्जन और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलने की संभावना है जिससे सतर्कता आवश्यक है।
मौसम की देरी से आने वाली इस बारिश ने किसानों के लिए राहत की सांस तो दी है, लेकिन अभी प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात सामान्य से कम दर्ज की गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 जून के बाद 9 दिन देरी से प्रदेश में पहुंचा, जिसने इंदौर, हरदा, आलीराजपुर, धार, बैतूल, खंडवा, मंडला, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, बड़वानी और डिंडौरी जिलों को प्रभावित किया है। मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग तक फैलने की उम्मीद है।
रविवार को इन जिलों में अलर्ट जारी
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रायसेन, सीधी, दमोह, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, सतना, अनूपपुर, झाबुआ, रतलाम, देवास, शाजापुर, पन्ना, अलीराजपुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, अशोकनगर, शहडोल, सिवनी, मंडला, धार, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मैहर, सागर और पांढुर्णा जिलों में तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और बारिश का अलर्ट जारी है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अब तक हुई बारिश और क्षेत्रीय स्थिति
मध्य प्रदेश में 1 जून से 27 जून 2026 तक औसत बारिश अपेक्षित 107.3 मिमी के मुकाबले केवल 63.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो सामान्य बारिश से लगभग 41 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 67 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 प्रतिशत रही है।
- सामान्य से कम बारिश वाले जिले: अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
- सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले: भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर।
मौसम विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम से जुड़ी ताज़ा जानकारी लेते रहें और आवश्यक सावधानी बरतें। तेज हवा और बिजली गिरने की वजह से पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं, अतः सुरक्षात्मक उपायों को प्राथमिकता दी जाए। किसानों को भी अपने खेतों में पानी की निकासी और अन्य सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बाद भी वर्षा का असंतुलित वितरण जारी है, जिसके कारण जल संचयन और विपरीत मौसम की चुनौतियां बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून की गति बढ़ेगी और प्रदेश में पर्याप्त बहार होगी जिससे तापमान में राहत मिलेगी और कृषि गतिविधियां सुदृढ़ होंगी।
इस दौरान आम जनता से अपील है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पालन करें और सुरक्षित रहें। वर्षा और तेज हवा की वजह से वाहन धीमी गति से चलाएं और स्थिर स्थानों पर रहें।

