मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन क्षेत्र से एक संगीन मामले की जानकारी सामने आई है। एक ऐसा व्यक्ति, जिसने खुद को साधु बताया और ऑनलाइन धार्मिक प्रवचन के माध्यम से लोगों के विश्वास को अहमियत देते हुए युवतियों को फंसाया, अब पुलिस की पकड़ में है। आरोपी अभिषेक मिश्रा, जो मूल रूप से एक मैकेनिकल इंजीनियर है, पर युवतियों के साथ दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने मौके से दो युवतियों और एक बालक को सुरक्षित मुक्त कराया है।
राधा कुंड के आश्रम से तलाशी और गिरफ्तारी
पुलिस ने गोवर्धन के राधा कुंड इलाके में किराए के मकान में चलाए जा रहे आश्रम से अभिषेक मिश्रा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि यह व्यक्ति युवतियों को नशीला पदार्थ देते हुए अपने जाल में फंसाता था। आरोपित युवतियों के अश्लील वीडियो और तस्वीरें बनाकर उनसे पैसे की मांग करता था। प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिनमें कई युवतियों और युवकों की अश्लील झलकियां शामिल हैं। पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर गहन जांच कर रही है।
पीड़िता की लिखित शिकायत से सामने आई पोल्ट्री
यह मामला तब उजागर हुआ जब एक युवती की बहन ने एएसपी श्लोक कुमार को लिखित शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि पीड़िता छत्तीसगढ़ के कोरबा की रहने वाली है और बीएससी नर्सिंग की तृतीय सेमेस्टर की छात्रा है। उसकी मथुरा आने के दौरान भजन-कीर्तन मंडली के जरिए आरोपी से संपर्क हुआ। आरोपी खुद को राधा कुंड आश्रम के संचालक और साधु के रूप में प्रस्तुत करता था। आरोपी ने पीड़िता को ‘‘भगवान का प्रसाद’’ बताकर दूध दिया, जिसमें नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे दुष्कर्म का शिकार बनाया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में आरोपी ने पांच लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी दी।
नशे की लत और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवतियों को नशे का आदी बनाता था और फिर उनसे अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दो युवतियां और एक बालक, जो मुक्त कराए गए, नशे की लत से प्रभावित पाए गए। आरोप है कि आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बनाकर उनसे लगातार पैसे वसूलते रहे। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तरह के और भी पीड़ित हो सकते हैं।
इंजीनियर से साधु बनने की कहानी
अभिषेक मिश्रा मूलत: ओडिशा के खोरदा जिले के निवासी हैं, जिनका परिवार भुवनेश्वर में रहता है। 2021 में उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। कुछ समय तक नौकरी करने के बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपनाया और खुद को साधु के रूप में स्थापित किया। ऑनलाइन धार्मिक प्रवचनों और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। इसी के जरिये उन्होंने युवतियों और अन्य लोगों से संपर्क बनाना शुरू किया।
पढ़ी-लिखी युवतियां थीं आकर्षण का केंद्र
पुलिस ने बताया कि आरोपी का निशाना विशेष रूप से पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा युवतियां थीं। विशेषकर बीटेक और उच्च शिक्षा प्राप्त युवतियों को वह अपने ऑनलाइन प्रवचन के माध्यम से आकर्षित करता था। आरोपी उन्हें नशीला पदार्थ देकर उनका शोषण करता था और आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो बनाता था। यह मामला धार्मिक आड़ के पीछे छुपा सुनियोजित शोषण है, जिसमें आरोपी ने लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें फंसाया।
पुलिस की जांच और ग्रिडआई कार्रवाई
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी से कड़ी पूछताछ जारी है और उसके संपर्क नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। डिजिटल एवं मोबाइल सबूतों के आधार पर पीड़ितों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल आरोपी तक सीमित नहीं होगा और आगे भी कई पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

