कांग्रेस में फैसले पसंद और नजदीकी के आधार पर होते हैं: राजू वाघमारे

Rashtrabaan

    मुंबई। शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कांग्रेस की कार्यप्रणाली और कर्नाटक की राजनीति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में फैसले विचारधारा या संगठनात्मक क्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि पार्टी हाईकमान की पसंद और उसके करीब रहने वाले नेताओं के प्रभाव के आधार पर लिए जाते हैं।

    राजू वाघमारे ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन तथा डीके शिवकुमार की भूमिका को लेकर जो भी निर्णय होता है, वह पूरी तरह से पार्टी हाईकमान की मर्जी के अनुसार होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में वही नेता प्रमुखता पाते हैं जो हाईकमान के सबसे निकट होते हैं। वाघमारे ने यह भी कहा कि कांग्रेस में योग्यता से ज्यादा महत्व उन नेताओं को दिया जाता है जो शीर्ष नेतृत्व को खुश रखने में सफल रहते हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के बयान से साफ जाहिर होता है कि वे नेतृत्व परिवर्तन के लिए स्वयं सहमत नहीं थे, परंतु हाईकमान के दबाव के आगे उन्हें झुकना पड़ा। इस स्थिति से कांग्रेस के पुराने तथा अनुभवी नेताओं में नाराजगी बढ़ने की संभावना है, जो पार्टी की भविष्य की एकजुटता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

    राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर राजू वाघमारे ने कहा कि कांग्रेस की कमजोरी का कारण केवल एक व्यक्ति नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का सबसे बड़ा संकट यह है कि राज्य स्तर के अनुभवी और स्थापित नेता नए व युवा नेताओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते हैं। इसके कारण पार्टी में युवा पीढ़ी के लिए आगे बढ़ने के रास्ते बंद हो गए हैं।

    वाघमारे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में लंबे समय से वही पुराने चेहरे सक्रिय हैं और संगठन में नई पीढ़ी को स्थान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अनेक अन्य राजनीतिक दलों ने समय के साथ नई पीढ़ी को नेतृत्व दिया, जबकि कांग्रेस इस मामले में पिछड़ गई है। हाईकमान प्रायः उन्हीं नेताओं की सुनता है जो पहले से स्थापित हैं, जिसके कारण जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं मिल पाता।

    राजू वाघमारे ने आगे कहा कि कांग्रेस की वर्तमान कार्यशैली का प्रभाव उसके चुनावी प्रदर्शन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो गई है, जिससे कांग्रेस का जनाधार निरंतर घटता जा रहा है।

    महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव और महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। वाघमारे ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है, इसलिए वह महायुति के भीतर मतभेद खोजने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वे पहले अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता करें।

    उन्होंने बताया कि महायुति के सभी घटक दलों के बीच लगातार बातचीत जारी है और वरिष्ठ नेताओं ने मिलकर सभी समस्याओं का समाधान निकाल लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कई दौर की बैठक के बाद सीट बंटवारे और चुनाव रणनीति पर सहमति बना ली है।

    राजू वाघमारे ने कहा कि विपक्ष महायुति में विवाद और असहमति का प्रचार करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविकता इसके बिलकुल विपरीत है। उनकी माने तो गठबंधन में कोई मनभेद नहीं है और सभी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ने को तैयार हैं।

    उन्होंने विश्वास जताया कि महायुति के सभी उम्मीदवार चुनाव में विजयी होंगे। वाघमारे ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने पहले ही दावा किया है कि गठबंधन के सभी उम्मीदवार सफल होंगे और चुनाव परिणाम आने के बाद जनता विपक्ष के आरोपों का स्वयं जवाब देगी।

    राजू वाघमारे ने कहा कि महायुति पूरी ताकत और एकता के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है तथा सभी खास नेताओं की बातचीत ने सभी मतभेद दूर कर दिए हैं। अब पूरा फोकस केवल चुनाव जीतने पर केंद्रित है।

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