गाजियाबाद: शिप्रा सृष्टि सोसायटी के 15वें फ्लोर के फ्लैट में लगी आग, दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टला

Rashtrabaan

    गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में स्थित शिप्रा सृष्टि सोसायटी के 15वें तल पर एक फ्लैट में मंगलवार की शाम अचानक आग लगने से इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया, जबकि आसपास के निवासियों में भय का माहौल था।

    शिप्रा सृष्टि सोसायटी में लगी आग की सूचना सबसे पहले कमिश्नरेट गाजियाबाद को प्राप्त हुई, जिसके बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी वैशाली फायर टेंडर्स के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। करीब 4:49 बजे मिली सूचना के बाद दमकल विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए जल्दी से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

    मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि फ्लैट नंबर 1506 में आग लगी थी जो सोसायटी के 15वें फ्लोर पर स्थित है। आग तेज़ी से फैलने लगी थी जिससे परिसर में हड़कंप मच गया था। घटना के दौरान वहां मौजूद लोग और पड़ोसी अचानक लगी आग से डर गए और बाहर निकल आए। दमकल विभाग की टीम ने सोसायटी में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग किया और दो होज पाइपलाइन बिछाकर आग बुझाने का काम शुरू किया।

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में दमकलकर्मियों ने आग को सीमित जगह पर रोकने में सफलता पाई। फ्लैट के एक ही कमरे तक आग को फैलने से रोक दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। अधिकारी बताते हैं कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था।

    घटना में किसी के घायल या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन फ्लैट के एक कमरे में रखा सामान आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। दमकल विभाग इस आग लगने की घटना के कारणों की जांच कर रहा है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन जांच पूरी किए बिना अंतिम कारण नहीं बताया जा सकता। सोसायटी के निवासी तथा स्थानीय प्रशासन मामले की गंभीरता को समझते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए और अधिक सुरक्षा उपाय करने पर विचार कर रहे हैं। इस घटना से मिली सीख के आधार पर दमकल विभाग और स्थानीय प्रबंधन आवश्यक कदम उठाने में जुट गए हैं ताकि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।

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