गिरफ्तारी के बाद गिरिबाला सिंह को मेडिकल जांच के लिए ले गई सीबीआई की टीम

Rashtrabaan

    भोपाल। सीबीआई की टीम ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद भोपाल के माउलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएएनआईटी) परिसर में मेडिकल जांच के लिए ले जाया।

    मिली जानकारी के अनुसार एमएएनआईटी परिसर में इस जांच के लिए विशेष मेडिकल कैंप लगाया गया था, जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस से पहले ही आवश्यक मंजूरी भी प्राप्त हो चुकी थी। जांच के दौरान एम्बुलेंस कैंपस में देखी गई, जिससे जांच की गंभीरता और औपचारिकता साफ जाहिर हुई।

    गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के अगले दिन हुई। इससे पहले सीबीआई की टीम ने भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में उनका लगभग सात घंटे तक गहनता से पूछताछ की।

    सुबह करीब 10:30 बजे भारी पुलिसबल के साथ सीबीआई की टीम उनके निवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर मेडिकल जांच के लिए एमएएनआईटी पहुंचाया गया।

    साथ ही, सीबीआई अधिकारियों ने इस मामले में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (भोपाल) मनोज कुमार श्रीवास्तव को गिरफतारी से अवगत भी कराया। गिरफ्तारी संबंधी दस्तावेज इस दौरान जमा किए गए।

    सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अगले दिन गिरिबाला सिंह को कोर्ट के समक्ष पेश करेगी। ये घटनाएं उस समय हुईं जब हाई कोर्ट ने 15 मई को भोपाल की जिला अदालत द्वारा दी गई उनकी अंतरिम जमानत को रद्द कर दिया था। उस जमानत को ट्विशा शर्मा की मृत्यु के तीन दिन बाद 12 मई को मंजूर किया गया था।

    हाई कोर्ट के आदेश में कहा गया कि ट्विशा के परिवार की व्हाट्सऐप चैट से स्पष्ट होता है कि आरोप केवल उनके पति समर्थ सिंह तक सीमित नहीं थे। कोर्ट ने बताया कि ट्विशा पर प्रेग्नेंसी खत्म करने का दबाव भी बनाया गया था, जो इस मामले में स्वीकार्य तथ्य माना गया।

    ट्विशा शर्मा को 12 मई को उनके ससुराल में मृत पाया गया था। उनकी शादी समर्थ सिंह से 9 दिसंबर, 2025 को हुई थी, और घटना लगभग पांच महीने बाद हुई।

    ट्विशा के पति समर्थ सिंह को पहले ही जबलपुर से 22 मई को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला दहेज हत्या के गंभीर आरोपों के चलते पूरे देश में चर्चा में है।

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