मुंबई। महाराष्ट्र में गो तस्करी के मुद्दे पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने राज्य सरकार के सख्त कदमों का खुले दिल से समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गो तस्करों के खिलाफ कड़े से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि गौमाता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री के द्वारा मकोका के तहत गो तस्करों पर कानूनी कार्रवाई का फैसला स्वागत योग्य है और अगर संभव हो तो इससे भी सख्त कानून लागू किया जाना चाहिए।
संजय निरुपम ने बताया कि वर्तमान में महाराष्ट्र में गो हत्या के खिलाफ कानून लागू है, फिर भी राज्य में बीफ की बिक्री बड़े पैमाने पर होती रही है। उन्होंने चिंता जताई कि मुंबई के पड़ोसी राज्यों जैसे गोवा और कर्नाटक में बीफ का व्यापक प्रचलन है, जो अंतरराज्यीय पशु तस्करी को बढ़ावा देता है। इस तस्करी की जड़ें बड़ी गहरी हैं और यह एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से चल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य की सीमाओं पर निगरानी तेज करनी होगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, ताकि इस काले बाजार को पूरी तरह खत्म किया जा सके। मकोका जैसे सख्त कानून इसके खिलाफ एक प्रभावी हथियार साबित हो सकते हैं। निरुपम ने इस कदम को गो तस्करों के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी बताया।
इसके अतिरिक्त, संजय निरुपम ने हरभजन सिंह द्वारा आम आदमी पार्टी पर लगाये गए राज्यसभा टिकट बेचने के आरोपों पर भी तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह आरोप बेहद गंभीर हैं और हरभजन सिंह को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि किसने किसे राज्यसभा भेजने के लिए पैसे दिए। निरुपम ने कहा कि यह मामला आम आदमी पार्टी के ईमानदारी के दावों पर गहरा सवाल है।
निरुपम ने कहा कि आम आदमी पार्टी, जो खुद को कट्टर ईमानदार पार्टी बताती है, अब पूरी तरह कट्टर बेईमान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बॉल हरभजन सिंह के कोर्ट में है और उन्हें इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई जनता के सामने रखनी होगी ताकि किसी भी तरह की अनावश्यक अफवाहे और संदेह खत्म हो सकें।
उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि यदि ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो उन्हें तथ्यों और नामों के साथ सामने लाना चाहिए ताकि कानून के दायरे में रहकर न्याय सुनिश्चित किया जा सके। इस पूरे विषय पर संजय निरुपम का मानना है कि गौ रक्षा और राजनीतिक पारदर्शिता दोनों को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि राज्य और देश दोनों में सही माहौल बन सके।

