दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिलने की खबर आई है। सुरक्षा बलों ने बारसूर थाना क्षेत्र के हिडपाल गांव के घने जंगलों में एक करीब 5 किलो वजनी प्रेशर कुकर आईईडी बरामद की है, जिसे बाद में सुरक्षात्मक तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया। इस कार्रवाई से बड़े हादसे का खतरा टल गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह आईईडी माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर और इलाके में भय का माहौल फैलाने के उद्देश्य से छिपाई गई थी। यदि विस्फोटक फट जाता तो सुरक्षा जवानों के साथ-साथ आम जनता की जान को गंभीर संकट हो सकता था।
सुरक्षा बलों की जानकारी के मुताबिक, शनिवार को मिली एक अहम खुफिया सूचना के आधार पर जिले की पुलिस, ‘यंग प्लाटून’, तथा सीआरपीएफ की 195वीं बटालियन की बम निरोधक टीम ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व सेकंड-इन-कमांड विक्रांत वर्मा और असिस्टेंट कमांडेंट संजीव कुमार यादव कर रहे थे, जो सुबह करीब 5 बजे शुरू हुआ।
इस तलाशी अभियान में जवान पूरे इलाके में अत्यंत सतर्कता से आगे बढ़े। वे विशेष रूप से पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्रों की जांच कर रहे थे, जहां माओवादियों की मौजूदगी के साथ ही विस्फोटक रखने की आशंका जताई गई थी।
सुबह 8:20 बजे तक टीम के सदस्यों ने जंगल में एक संदिग्ध वस्तु देखी। तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए जवानों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया। जांच के बाद पता चला कि यह एक प्रेशर कुकर आईईडी है।
बम निरोधक दस्ते ने तकनीकी विधियों का उपयोग करते हुए विस्फोटक को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया, जिससे कोई अप्रिय घटना होने से बची। इसके बाद सुरक्षा बलों ने आस-पास के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सघनता से तलाशी अभियान चलाकर किसी और विस्फोटक की मौजूदगी की जांच की।
इस पूरे अभियान में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। इस सफलता ने छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी लड़ाई को मजबूती प्रदान की है और स्थानीय लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। सुरक्षा बल इस प्रकार की जांच-पड़ताल जारी रखेंगे ताकि माओवादियों की नई साजिशों को समय रहते रोका जा सके।

