रायपुर। नीट यूजी पेपर लीक मामले ने एक बार फिर केंद्र सरकार की परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने इस मामले में कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लाखों छात्रों के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह अपनी जवाबदेही निभाने में विफल साबित हो रही है, खासकर उन एजेंसियों के कामकाज में जो परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं।
टीएस सिंह देव ने कहा, “देशभर के लाखों छात्र राष्ट्रीय परीक्षाओं में भाग लेते हैं, परंतु बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने और टेस्ट बुकलेट में गड़बड़ियों के मामले सामने आने से यह विश्वास कमजोर होता जा रहा है। इससे छात्रों में असंतोष फैल रहा है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।” उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि अगर सरकार इस गंभीर विषय को गंभीरता से नहीं लेती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।
उन्होंने जोरदार शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार को परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहना होगा, क्योंकि यह ही देश के भविष्य को संवारने का मार्ग है। छात्रों के हितों की उपेक्षा न केवल उनकी पढ़ाई पर प्रभाव डालती है, बल्कि यह पूरे समाज में निराशा और अविश्वास की भावना को जन्म देती है। टीएस सिंह देव ने कहा कि मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी चूक से बचा जा सके।
टीएस सिंह देव ने कहा, “यदि हम परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी व निष्पक्ष नहीं बनाएंगे तो छात्र ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता और पूरे समाज में असंतोष की आग भड़कती रहेगी। यह समय है जब केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारी का एहसास करना चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। केवल घोषणाएं या आश्वासन देना पर्याप्त नहीं होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि हर छात्र का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार होना आवश्यक है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा कड़ी करनी होगी ताकि नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं खत्म हो सकें। टीएस सिंह देव ने शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया और कहा कि अभिभावकों और छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सरकार का असली कर्तव्य है।

