लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में गहराते बिजली संकट और भीषण गर्मी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता के बढ़ते आक्रोश से भयभीत भाजपा विधायक और सांसद अब दिखावटी चिट्ठियां लिखकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने में लगे हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह जनता के हित की चिंता न होकर आगामी चुनावों से पहले डूबती भाजपा से दूरी बनाकर अपनी राजनीति सुरक्षित करने का प्रयास है। वहीं बिजली संकट और प्रशासनिक अव्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
सपा के प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते बिजली संकट को लेकर भाजपाई विधायक एवं सांसद जो चिट्ठियां लिख रहे हैं, वे जनहित की नहीं बल्कि आगामी चुनावों में विपक्षी दल की टिकट पाने के लिए बने ‘आवेदन पत्र’ हैं। यह दिखावटी कदम भाजपा की असफलता छुपाने की रणनीति है।
उन्होंने कहा, “हमारे गठबंधन में ऐसे नेता नहीं हो सकते जो सिर्फ जनता को समस्याएं दें और उनसे परेशान हों। इस जानलेवा गर्मी में बुजुर्ग, बच्चे, बीमार और महिलाएं कैसे जूझ रही हैं, वह केवल उनके परिवार वाले ही समझ सकते हैं।”
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा कि जो कभी अवसर देख कर अवसरवादी बने थे, वे अब समस्या का हिस्सा साबित हो रहे हैं। नारे लगाकर हाथ खड़े करने वालों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इस डबल इंजन सरकार की फूट का खामियाजा जनता क्यों भुगते?
उन्होंने सुझाव दिया कि अब मौका है कि पूरी तरह नाकाम हो चुके अधिकारियों को हटाकर नई टीम बनाना चाहिए। यह ऐसा कदम होगा जिसे कोई भी दुर्भावनावश आरोप नहीं लगा पाएगा। इससे मंत्रिमंडल के विस्तार और अन्य सहानुभूति पात्र सहयोगियों को मौका मिल सकेगा जो सत्ता के लालच में अपनी अंतरात्मा से झूठ बोल रहे हैं और अपनी राजनीति बचाने में असफल हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार यह अच्छी तरह जानती है कि वह अब कभी सत्ता में वापस नहीं आएगी, इसलिए जनता की समस्याओं को अनदेखा कर केवल अपनी सुविधाओं और खजाने भरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसीलिए आम जनता को इस गर्मी और बिजली संकट से निपटने के लिए खुद ही संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस खबर को लेकर प्रदेश की राजनीति में गर्माहट बनी हुई है, वहीं विपक्षी दल भाजपा सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और चुनावी रणनीतियों को तैयार करने में व्यस्त हैं। जनता को राहत प्रदान करना तो दूर भाजपा सरकार इन चुनावी मंजिलों पर फोकस कर रही है, जिससे आम जनता की परेशानियां और बढ़ रही हैं।

