भाजपा की राजनीतिक नींव मुस्लिम विरोध पर टिकी है: नसीम सिद्दीकी

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    मुंबई। कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस पर एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा है कि राजनीति में असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए, परंतु इसकी शुरुआत भाजपा ने खुद की है।

    नसीम सिद्दीकी ने कहा, “राजनीति में असंसदीय भाषा का उपयोग उचित नहीं है और सभी को इससे बचना चाहिए। भारतीय राजनीति का स्तर काफी नीचे गिर रहा है, लेकिन इस प्रवृत्ति की जड़ें भाजपा के सत्ता में आने के बाद मजबूत हुई हैं। भाजपा के सांसद भी संसद में कई बार अपमानजनक और असंवेदनशील शब्दों का प्रयोग कर चुके हैं।”

    उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ रुख पर भी प्रतिक्रिया दी। नसीम सिद्दीकी ने कहा कि नमाज एक धार्मिक प्रार्थना है और विभिन्न धर्मों के लोग कई बार सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियां करते हैं, जो जगह की कमी और त्योहार या भीड़भाड़ जैसी परिस्थितियों की वजह से होता है।

    उन्होंने आगे कहा, “मंदिरों या अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी लोग सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा होते हैं, इसलिए इसे गलत ठहराना न्यायसंगत नहीं है। धार्मिक आस्था को रोकना उचित नहीं और सभी का पूजा-पाठ करने का अधिकार है।”

    नसीम सिद्दीकी ने भाजपा की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “भाजपा की पूरी राजनीतिक नींव मुसलमानों के विरोध पर टिकी हुई है। जिस दिन भाजपा इस्लाम, कुरान और मस्जिदों के खिलाफ बोलना बंद कर देगी, उसी दिन भाजपा का अस्तित्व खतरे में होगा। परंतु मैं यह भी मानता हूं कि भाजपा के कदम मुसलमानों की तरक्की के रास्ते खोल रहे हैं।”

    इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश में 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द किए जाने पर कहा, “सरकार की नजरें लंबे समय से वक्फ संपत्तियों पर हैं। वक्फ का अर्थ है कि कोई संपत्ति ईश्वर या समाज के नाम पर समर्पित हो जाती है, जिसे बदला नहीं जा सकता। सरकार इसे हथियाना चाहती है, जो चिंता का विषय है।”

    इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में तीव्र प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, जो आगामी दिनों में और विकराल रूप ले सकती हैं।

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