लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को हरी झंडी मिली है। इस बैठक में सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और भत्तों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है, साथ ही प्रदेश के 18 शहरों में कुल 1725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की अनुमति भी प्रदान की गई है। यह कदम न सिर्फ सरकारी अधिवक्ताओं के हित में है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को भी मजबूती प्रदान करेगा।
कैबिनेट ने 25 प्रस्तावों में से 24 को मंजूरी दी, जबकि परिवहन विभाग से संबंधित प्रस्ताव को फिलहाल अस्वीकार कर दिया गया। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में विकास प्राधिकरणों के दायरे में आने वाली परियोजनाओं के रेग्युलराइजेशन को स्वीकृति दी गई। जिन परियोजनाओं को 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायत ने मंजूरी दी थी, उन्हें अब विकास प्राधिकरण विनियमित करेगी और भविष्य में नक्शे की मंजूरी भी विकास प्राधिकरण ही देगी।
इन परियोजनाओं के नियमित होने से निर्माण का कार्य सुचारु रूप से चलेगा और इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। प्रदेश भर में प्राधिकरणों का विस्तार हुआ है, जिससे ये फैसले स्थानीय विकास के लिए अहम साबित होंगे।
कैबिनेट ने सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा बताया गया कि जिला न्यायालयों में तैनात वकीलों की मासिक रिटेनरशिप 9 हजार से बढ़ाकर 14 हजार रुपए कर दी गई है। प्रति सुनवाई फीस को भी पुराने 1,650 रुपए से बढ़ाकर 2,500 रुपए किया गया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स के भत्ते में भी वृद्धि हुई है, जिसमें रिटेनरशिप 7,200 रुपए से बढ़कर 11 हजार और प्रति सुनवाई फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर 2,300 रुपए कर दी गई है। प्रदेश के महाधिवक्ता को प्रतिमाह मिलने वाली रिटेनरशिप 75 हजार से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए की गई है, जबकि उनकी प्रति सुनवाई फीस भी 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपए की गई है।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि 17 नगर निगमों और नोएडा समेत कुल 18 बड़े शहरों में 1,725 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी मिली है। ये बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर संचालित होंगी और वातानुकूलित होंगी। नोएडा में इस सेवा का विस्तार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और प्रदूषण कम होगा।
कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने किसानों के हित में मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित करने की स्वीकृति भी दी। मक्का की सरकारी खरीद 5 जून से 31 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा।
कैबिनेट ने जेल प्रशासन से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर किए। जेल में बंद कैदियों की मृत्यु की स्थिति में मुआवजा नीति को लागू किया जाएगा। अगर कैदी आपसी लड़ाई में मरता है तो 5 लाख रुपए, डॉक्टर या जेल प्रशासन की negligence से मृत्यु पर 5 लाख, और आत्महत्या के मामले में 3 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण के लिए भी मंजूरी दी गई है, जिससे भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण के लिए भी भूमि आवंटन का प्रस्ताव पारित किया गया है।
ये निर्णय सरकारी कर्मचारियों, किसानों और आम जनता के हित में प्रदेश के विकास और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे। योगी सरकार का यह कदम प्रशासनिक सुधारों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

