लखनऊ और फिरोजाबाद में बकरीद का त्योहार अत्यंत शांतिपूर्ण और भव्य रूप से मनाया गया। प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, जिससे सभी जगहों पर मुसलमानों ने बिना किसी बाधा के ईद-उल-अजहा की नमाज अता की। इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि त्योहार का माहौल पूरी तरह से सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण बना रहे।
लखनऊ पश्चिम के डीसीपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में प्रशासकीय सहकारिता के साथ सुरक्षा प्रबंधों को अनुपालन में रखा गया। उन्होंने कहा कि नमाज के दौरान पार्किंग और आवागमन को सहज बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिसकर्मी सादे वस्त्रों में तैनात थे और क्यूआरटी टीमें तथा पीएसी जवान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर थे। स्थानीय कमिटी के वॉलिंटियर्स भी सुरक्षा और व्यवस्था में प्रशासन की मदद कर रहे थे।
शहर की टीले वाली मस्जिद में नमाज अदा कर रहे एक नमाजी ने कहा कि इस पवित्र मौके पर सभी लोगों को एक-दूसरे को मुबारकबाद देनी चाहिए और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बकरीद का मतलब ही कुर्बानी और एकता है, जो इंसानियत का सबसे बड़ा संदेश है।
फिरोजाबाद ग्रामीण के एसपी अनुज चौधरी ने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन ने कई दिनों तक शांति बनाए रखने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए बैठकें कीं और सभी समुदायों के लोगों को भी साथ लेकर चलने की कवायद की। उन्होंने यह भी बताया कि सभी नागरिकों ने प्रशासन के निर्देशों का सम्मान किया, जिसकी वजह से कहीं कोई अव्यवस्था या अप्रिय घटना नहीं हुई। सड़कें भी पूरी तरह से खुली रहीं और नमाज का अवसर शांति के साथ संपन्न हुआ।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने ईद-उल-अजहा की सभी मुसलमानों तथा इंसानियत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मस्जिदों, इबादतगाहों और इमामबाड़ों में अधिक से अधिक नमाज अता करने और कुर्बानी के वास्तविक अर्थ को समझने की अपील की। उनका कहना था कि कुर्बानी केवल जानवर की बलि नहीं है, बल्कि परिवार, पड़ोसियों और जरूरतमंदों की मदद करना भी इस त्यौहार की आत्मा है।
इस शुभ अवसर पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली के पंचकुइयां रोड स्थित इमामिया हॉल शिया जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की, जो एक सकारात्मक उदाहरण रहा कि राजनीतिक सहयोग भी शांतिपूर्ण सामाजिक आयोजन में कैसे भूमिका निभा सकता है।
सम्पूर्ण तौर पर, इस वर्ष भी बकरीद का त्योहार उत्तर प्रदेश के लखनऊ और फिरोजाबाद में पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाया गया। सभी समुदायों ने एकता और सद्भाव का परिचय दिया, जो देश में भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।

