मुरादाबाद। ईद-उल-अजहा के मौके पर कुर्बानी को लेकर सियासत काफी गरमाई हुई है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि भाजपा जानबूझकर बेवजह के मुद्दों को हिंदू-मुस्लिम रंग देकर मुस्लिम समाज को परेशान करने में लगी हुई है।
एसटी हसन ने स्पष्ट किया कि आज देश की सबसे बड़ी समस्या यह है कि राजनीतिक दल विकास, रोजगार, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे वास्तविक मसलों से ध्यान हटाकर, हिंदू-मुस्लिम विवादों को हवा दे रहे हैं। उन्होंने इसे चिंताजनक बताया क्योंकि इससे समाज में दरारें बढ़ती हैं और लोगों के बीच विश्वास की कमी होती है।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां जानबूझकर विवादित मुद्दे उठाती हैं, जिससे जनता के बीच तनाव फैलता है और जरूरी सवाल अनदेखे रह जाते हैं। उनका कहना था कि राजनीति का उद्देश्य लोगों की भलाई होनी चाहिए, न कि धर्म के आधार पर विभाजन।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के वर्चुअल बकरीद वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एसटी हसन ने कहा कि ऐसे सवाल उठाने वाले पहले अपने अतीत को देखें। उन्होंने बताया, “नितेश राणे के पिता मांस और मछली के व्यापारी थे। उनकी मां के नाम पर एक रेस्टोरेंट भी है जहां नॉन-वेज की चीजें बिकती हैं। भाजपा के कई चेहरे हैं और उनकी असलियत सामने आनी चाहिए।”
एसटी हसन ने बकरीद को त्याग और इंसानियत का प्रतीक बताते हुए अपील की कि यह त्योहार शांति और सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचनी चाहिए और कुर्बानी इस तरह हो कि आसपास के वातावरण में कोई असुविधा न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं होनी चाहिए और कानून का पालन अवश्य करना चाहिए।

