लखनऊ। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विज्ञान खंड के स्थानीय जाप स्थल एवं सेवा केंद्र में सोमवार को आध्यात्म, संस्कृति और सेवा भाव का एक अनूठा संगम देखने को मिला। ‘‘लाल महेंद्र शिव शक्ति सेवा समिति (ओम नमः शिवाय आश्रम)’’ द्वारा सेवा कार्यों के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार तथा भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन-अर्चना के साथ हुई। शिवमय वातावरण में ‘‘हर-हर महादेव’’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। इसमें राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य के सानिध्य में आने से व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। संतों का आशीर्वाद जीवन में चमत्कार उत्पन्न करता है और वे समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठाकर समरसता का मार्ग दिखाते हैं।
दिनेश शर्मा ने आगे कहा कि भारत ऋषि और कृषि दोनों का देश है, और किसान की उपज से देश की समृद्धि सुनिश्चित होती है। सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति नहीं है, बल्कि सेवा, सह-अस्तित्व एवं मानव कल्याण की जीवनशैली है। उन्होंने बताया कि आक्रमणकारियों ने भारत की संस्कृति को लूटने का प्रयास किया, परंतु इसकी आत्मा और परंपरा को समाप्त नहीं कर सके।
डॉ. शर्मा ने कहा कि गुरु समाज को दिशा देते हैं और सभी को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने वर्तमान समय में पारिवारिक संबंधों में हो रहे बदलाव और विवादों पर चिंता जताई और कहा कि माता-पिता का वृद्धाश्रम जाना भारतीय संस्कृति की स्वीकार्य बात नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश तेज़ी से प्रगति कर रहा है और वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा।
आश्रम के गुरुजी ने ‘‘ओम नमः शिवाय’’ मंत्र को केवल शब्द नहीं बल्कि सेवा, संयम और शिवत्व की ओर ले जाने वाली साधना बताया। उन्होंने कहा कि शिव का स्मरण मनुष्य को अहंकार से मुक्त कर मानवता से जोड़ता है। समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने शिव भक्ति, राष्ट्रभावना और भारतीय संस्कृति से संबंधित प्रस्तुतियां दीं, जो युवाओं और बच्चों द्वारा भी बहुत प्रशंसित हुईं।
समारोह के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजक समिति ने सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा एवं बैठने की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की थी। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आश्रम पिछले पांच दशकों से धार्मिक, सामाजिक एवं मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय है और प्रयागराज के माघ मेले से लेकर हरिद्वार, उज्जैन और नासिक कुंभ तक निरंतर भंडारे संचालित करता रहा है। कोरोना महामारी के दौरान भी लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या में 24 घंटे भोजन सेवा प्रदान कर हजारों जरूरतमंदों की सहायता की गई।

