सहारनपुर: महापौर डॉ. अजय कुमार ने आज दोपहर तेज चिलचिलाती धूप में अपने दिल्ली रोड स्थित आवास से इलेक्ट्रिक स्कूटी पर निकलकर शहर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। नगर निगम द्वारा लोगों को तेज धूप से राहत देने के लिए लगायी गयी ग्रीन नेट की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वे सबसे पहले घंटेघर पहुंचे। वहां उन्होंने राहगीरों को मीठा और शीतल जल पिलाया तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से की जा रही पहलों की जानकारी ली।
महापौर ने लोगों से गर्मी के इस प्रकोप में बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और घरेलू ऊर्जा बचाने के साथ साथ जल संचय और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तापमान के इस बढ़ते दबाव में जनजीवन प्रभावित हो रहा है, और ऐसे में नगर निगम की ओर से लगायी गयी ग्रीन नेट और मिस्ट स्प्रे सिस्टम लोगों को राहत देने का एक छोटा प्रयास है।
डॉ. अजय कुमार ने नगर निगम के महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार को निर्देश दिए कि वे शहर के प्रमुख चौराहों पर ग्रीन नेट लगाने के काम में तेजी लाएं। उपसभापति मयंक गर्ग तथा वरिष्ठ पार्षदों के साथ उन्होंने कलक्ट्रेट, दीवानी तिराहा जैसे स्थानों का भी दौरा किया और जल पिलाने के लिए छबीलों पर व्यवस्था का पुनरावलोकन किया।
महापौर ने पत्रकारों से कहा कि चौराहों पर 44-45 डिग्री तापमान में वाहनों को रुकना बहुत कष्टदायक होता है, खासकर जब यातायात नियमों के कारण इसे टाला नहीं जा सकता। इसलिए, नगर निगम ने ग्रीन नेट के माध्यम से छाया और मिस्ट स्प्रे द्वारा ठंडक प्रदान कर लोगों को राहत देने का कदम उठाया है। अभी तक 50 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर कूलर भी स्थापित किए जा चुके हैं, और आवश्यकता अनुसार इस संख्या को बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा का संकट विश्वव्यापी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार हमें ऊर्जा की बचत करनी चाहिए। गर्मी में केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकलें, ऊर्जा खपत को कम करें तथा जल संचयन के साथ-साथ पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। महापौर का यह संकल्प है कि शहरवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बेहतर प्रबंधन के साथ ठंडक की व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और पार्षद महापौर के साथ मौजूद थे, जिन्होंने इस संकल्प को और मजबूत करने का आश्वासन दिया। यह पहल सहारनपुर नगर निगम की ओर से गर्मी की तीव्रता के मद्देनजर उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

