मुजफ्फरपुर में खाद्यान्न योजनाओं की समीक्षा: डीएम ने लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी

Rashtrabaan

    मुजफ्फरपुर। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में धान अधिप्राप्ति जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई, जिसमें जिले की खाद्यान्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान धान, गेहूं, दलहन अधिप्राप्ति के साथ-साथ मध्याह्न भोजन योजना एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया।

    बैठक में अधिकारीयों को निर्देशित किया गया कि सभी खाद्यान्न योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। जिले में धान अधिप्राप्ति के मामले में 13,670 किसानों से 89,514.38 मीट्रिक टन धान खरीद कर लक्ष्य के 99.96 प्रतिशत को प्राप्त कर संतोषजनक परिणाम हासिल किया गया है। साथ ही सभी किसानों को पूर्ण भुगतान भी किया जा चुका है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    डीएम ने कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में तेजी लाने पर बल दिया तथा विशेष रूप से मुरौल, बोचहां, गायघाट, कटरा और साहेबगंज के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को लापरवाही के लिए चेतावनी दी। उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को ऐसी लापरवाहियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।

    गेहूं अधिप्राप्ति की समीक्षा में पाया गया कि 6,303 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले अभी तक केवल 594 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है, जो खरीद को बढ़ाने के लिए पंचायत स्तर पर छोटे और सीमांत किसानों के साथ समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता दर्शाता है।

    दलहन और मक्का अधिप्राप्ति के संदर्भ में भी निबंधन एवं क्रय केंद्रों के चयन में तेजी लाने के निर्देश डीएम द्वारा जारी किए गए।

    मध्याह्न भोजन योजना के तहत डीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी विद्यालय में भोजन वितरण बंद नहीं होना चाहिए क्योंकि भोजन की देरी बच्चों के पोषण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को भोजन की गुणवत्तापूर्ण और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़ा निर्देश दिया।

    सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन में भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। राशन और केरोसिन की समय पर आपूर्ति को सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए उन्होंने अप्रैल माह का वितरण शत-प्रतिशत पूरा करने और मई माह में संचालन में तेजी लाने का आह्वान किया।

    अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा करने तथा पात्र लाभुकों को वंचित न रहने देने के निर्देश भी डीएम ने दिए। इसके अतिरिक्त, खराब प्रदर्शन करने वाले तीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश भी जारी किया गया है।

    अंत में डीएम ने साफ कहा कि खाद्यान्न से जुड़ी सभी योजनाएं सीधे आम जनता, विशेषकर गरीब और बच्चों से संबंधित है, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से संयम, सक्रियता और जवाबदेही का परिचय देने को कहा। इस समीक्षा बैठक से यह जाहिर होता है कि मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।

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