नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ऑनलाइन परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। नॉलेज पार्क के बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापेमारी करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 50 लाख रुपए नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन, राउटर और परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की सूची बरामद हुई है। इस मामले में गिरफ्तारी और बरामदगी से पता चलता है कि परीक्षाओं में धांधली के लिए कितनी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा था।
एसटीएफ नोएडा यूनिट की इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान जो इस परीक्षा केंद्र का संचालक है, गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है। उसके साथ मिलकर अमित राणा, अरुण कुमार, संदीप भाटी, मुजफ्फरनगर से प्रदीप चौहान, मथुरा से अरुण कुमार, बुलंदशहर के निशांत राघव, संदीप भाटी, और विवेक कुमार सहित कुल सात आरोपियों को पकड़ा गया है।
एसटीएफ के मुताबिक, ये गिरोह प्रॉक्सी सर्वर के जरिए ऑनलाइन परीक्षा के प्रश्नों को स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन से बाहर बैठे सॉल्वर के पास पहुंचाता था। इन सॉल्वरों के द्वारा पेपर हल कराए जाते थे और नतीजा अभ्यर्थियों को ऑनलाइन या ऑफलाइन भेजा जाता था। इस धांधली का पूरा नेटवर्क सेंटर के सर्वर को बायपास करके चलाया जा रहा था।
सेंटर संचालक ही निकला मास्टरमाइंड
प्रतिहस्य जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान मेरठ कॉलेज से एमकॉम किया हुआ है और वर्षो से ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने की रकम और नेटवर्क चलाता रहा है। अमित राणा ने इस पूरी तकनीक को विकसित किया था जिससे सर्वर बायपास हो जाता था। अरुण कुमार परीक्षा केंद्र पर आईटी हेड के रूप में कार्य करता था और प्रॉक्सी सर्वर लगाने की जिम्मेदारी संभालता था। वह पहले इस केंद्र पर इनविजिलेटर था और बाद में गिरोह से जुड़ गया।
प्रति अभ्यर्थी चार लाख रुपये तक था शुल्क
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गलत तरीके से परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह प्रति अभ्यर्थी से चार लाख रुपये वसूलता था। इसमें से पचास हजार रुपये एजेंट को दिए जाते थे जो अभ्यर्थियों को ढूंढ़ता था। बाकी की रकम गिरोह के मुख्य सदस्यों में बांटी जाती थी। संदीप भाटी प्रमुख एजेंट था जो पैसे देकर परीक्षा पास कराने वाले अभ्यर्थियों को तलाशता था।
दो अभ्यर्थी भी गिरफ्तार
एसटीएफ ने इस मामले में दो अभ्यर्थियों शाकिर मलिक और विवेक कुमार को भी गिरफ्तार किया है। दोनों खुद परीक्षा देने आए थे तथा गिरोह की मदद से पेपर हल कराने की कोशिश में थे।
बरामद सामान
पुलिस ने परीक्षण केंद्र से 50 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, एक राउटर, अभ्यर्थी सूची, दो एडमिट कार्ड, एवं Eduquity कंपनी के चार एंट्री/आईडी कार्ड भी कब्जे में लिए हैं। इस संदर्भ में थाना नॉलेज पार्क में बीएनएस, आईटी एक्ट और भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

