भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की अंतिम संस्कार, भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि

Rashtrabaan

    भोपाल। ट्विशा शर्मा केस का एक अत्यंत भावुक अध्याय सामने आया जब मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद, ट्विशा को अंतिम संस्कार के लिए भदभदा विश्राम घाट पहुंचाया गया। परिजनों ने भारी दिल से रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया, जहां ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने चिता को मुखाग्नि देकर उसको अंतिम विदाई दी। यह दृश्य भावुकता से परिपूर्ण था, जिसमें मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवार ने मात्र अपनी बेटी ही नहीं, बल्कि अपने जीवन के सबसे अनमोल हिस्से को अलविदा कहा।

    भदभदा विश्राम घाट पर नम आँखों से विदाई

    ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर संपन्न हुआ। परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों ने इस करुण घटना में अपनी भावनाएं साझा कीं। दूसरे पोस्टमार्टम के बाद मृतका का श्मशान घाट पर लघु संस्कार की परंपरा अनुसार विधि-विधान हुआ। पूरे समय वातावरण गंभीर और ग़मगीन रहा, जिसमें परिवार का दर्द साफ झलक रहा था।

    परिवार की दुखभरी अपील

    अंतिम संस्कार से पहले ट्विशा के परिवार ने एक मार्मिक पत्र के माध्यम से जनता और संबंधित संगठनों से संवेदनशीलता के साथ जांच में सहयोग देने का निवेदन किया। इस पत्र में पिता ने अपनी बेटी के प्रति गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि जिस बच्चे को उन्होंने पाल-पोस कर बड़ा किया, आज उसी को विदा करना कितना कठिन है। परिवार ने कहा कि वे सिर्फ लड़की नहीं, अपने जीवन का एक अमूल्य हिस्सा खो रहे हैं।

    दिल्ली AIIMS की विशेषज्ञ टीम द्वारा पोस्टमार्टम

    न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर दिल्ली AIIMS के एक विशेषज्ञ फोरेंसिक मेडिकल टीम को भोपाल बुलाया गया। चार वरिष्ठ डॉक्टर्स की इस टीम का नेतृत्व फॉरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता कर रहे थे। इस पोस्टमार्टम में नवीनतम उपकरणों का इस्तेमाल कर मौत के सही कारणों की पूरी जांच की गई, ताकि किसी भी प्रकार का संदेह दूर किया जा सके।

    SIT की सिलसिलेवार जांच

    इस गंभीर मामले की जांच के लिए गठित SIT टीम भी पूरी सक्रियता से कार्यरत है। टीम ने फिलहाल आरोपी गिरिबाला और उसके पुत्र सिद्धार्थ को घर में ही रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, समर्थ के घर भी संपर्क करने की संभावना प्रबल है, जहां पुलिस घटनास्थल का पुनः निरीक्षण और रीक्रिएशन कर सकती है।

    जांच के अगले चरण

    पुलिस केस के हर पहलू पर गहन रूप से ध्यान दे रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद मामले में कई अहम तथ्य उजागर होने की संभावना है। साथ ही, घटनास्थल पर रीक्रिएशन से भी जांच को मजबूती मिलेगी। फिलहाल पूरे केस पर प्रशासन और जनता की नजरें टीकी हुई हैं, और न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति से सारे प्रश्नों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

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