ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र स्थित एटीएस डोल्से सोसायटी के निवासी 56 वर्षीय रूपम गुप्ता साइबर ठगों के लिए एक बड़ा शिकार बन गए हैं। ठगों ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 48 लाख रुपए की ठगी की है। मामले की शिकायत पीड़ित ने साइबर क्राइम विभाग, सेक्टर-36 में दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
रूपम गुप्ता ने बताया कि अप्रैल 2026 में इंस्टाग्राम के माध्यम से कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे संपर्क किया। इन लोगों ने शेयर मार्केट और क्यूआईबी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर) ट्रेडिंग के जरिए तेजी से बहुत पैसा कमाने का भरोसा दिया। इसके बाद 29 अप्रैल को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया, जहां कथित रूप से ट्रेडिंग व निवेश की ट्रेनिंग दी जाने लगी।
शिकायत में बताया गया है कि इस व्हाट्सएप ग्रुप में लगभग 244 सदस्य थे। इस ग्रुप का एडमिन स्वयं को राजेश आहिर बताता था और उसने एक विदेशी नंबर से पीड़ित से बातचीत की। इसके बाद एक दूसरा ग्रुप “इन्वेस्टमेंट क्लब ट्रेनिंग इंटर्नशिप ग्रुप” भी बनाया गया, जिसमें निवेशकों को आईपीओ और शेयर मार्केट में निवेश के लिए भरोसा दिलाया जाता था। पहले कुछ निवेशों में वे फर्जी मुनाफा दिखाकर लोगों का विश्वास जीतते थे।
रूपम ने ‘बागमाने रेट’ नामक आईपीओ में 2 लाख 20 हजार रुपए निवेश किए, जिसके बदले उन्हें कथित लाभ की जानकारी दी गई। इसके बाद ‘गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल्स’ के दूसरे आईपीओ में अधिक निवेश करने का दबाव बनाया गया। धीरे-धीरे उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने शुरू कर दी।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 29 अप्रैल से 18 मई के बीच उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से लगभग 47 लाख 90 हजार रुपए कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, करूर वैश्य बैंक, कैथोलिक सीरियन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस समेत कई अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए। जब वे अपनी निवेश राशि और मुनाफा निकालना चाहते थे, तो ठगों ने टैक्स, पेंडिंग पेमेंट और शेयर अलॉटमेंट के नाम पर और पैसे जमा कराने की मांग की।
आखिरकार रूपम को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने नोट किया कि कंपनी बार-बार नए शेयर जारी करने की बात कह रही थी, जो कि सामान्य आईपीओ प्रक्रिया में संभव नहीं होता। 19 मई को उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और 25 मई को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई।
पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुटी है। संबंधित बैंक खातों, व्हाट्सएप नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस प्रकार की निवेश संबंधी ठगी तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों को किसी भी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, आईपीओ स्कीम या अनजान विदेशी नंबर से आने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना पूर्ण सत्यापन विश्वास नहीं करना चाहिए।

