भारतीय रेलवे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। 2013 बैच के भारतीय रेलवे ट्रैफिक सर्विस अधिकारी, वाई. बालाजी कीरण को साउथ कोस्ट रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) के अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है। यह नियुक्ति रेलवे विभाग की मजबूती और बेहतर संवाद के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
वर्तमान में वाई. बालाजी कीरण नवंबर 2025 से साउथ कोस्ट रेलवे के महाप्रबंधक के डिप्टी जनरल मैनेजर-कम-सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी दक्षता और अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे रेलवे प्रशासन में पारदर्शिता और जनसंपर्क बेहतर होगा।
वाई. बालाजी कीरण ने भारतीय रेलवे ट्रैफिक सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनका करियर दूरदर्शिता व प्रबंधन क्षमता की मिसाल रहा है। रेलवे विभाग के अधिकारी इस नियुक्ति को एक सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि इससे विभागीय संचार तंत्र मजबूत होगा और यात्रियों तथा अन्य हितधारकों के साथ बेहतर तालमेल होगा।
साउथ कोस्ट रेलवे क्षेत्र भारत के दौरे में एक महत्वपूर्ण रेलवे ज़ोन है, जो यात्रियों और माल ढुलाई के मामले में उच्चतम स्तर पर कार्यरत है। ऐसे में, चीफ पीआरओ की भूमिका बहुत संवेदनशील होती है क्योंकि यह विभाग के बारे में जनता और मीडिया को सही और समय पर जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य करता है।
इस नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं, योजनाओं और संचालन की जानकारी और भी अधिक प्रभावशाली अंदाज में साझा की जाएगी। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति या सार्वजनिक मुद्दे पर त्वरित प्रतिक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।
वाई. बालाजी कीरण के नेतृत्व में साउथ कोस्ट रेलवे की जनसंपर्क क्रियाएँ और बेहतर, विश्वसनीय और पारदर्शी बनेंगी, जिससे विभागीय कामकाज में विश्वास बढ़ेगा। उनकी कार्यशैली और अनुभव इससे पहले भी कई बार प्रशंसित हो चुके हैं और अब उनके अतिरिक्त पदभार से रेलवे क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगी है।

