अहिंसा सर्वोच्च धर्म है, लेकिन देश-समाज की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना होगा : सीएम योगी

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    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जब तक हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूती से खड़े रहेंगे, तब तक दुनिया भी हमारे साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमजोर व्यक्ति या राष्ट्र के सामने कोई नहीं झुकता। इसलिए हमें हमेशा पूरी बात कहनी चाहिए, अधूरी बात कहना अर्थ का अनर्थ करता है। उनकी बातों में भारतीय संस्कृति की ऋषि परंपरा की महत्ता झलकती है, जिसमें “अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च” का संदेश है। इसका अर्थ यह है कि सामान्य जीवन में अहिंसा सर्वोच्च धर्म है, लेकिन जब देश और समाज की सुरक्षा खतरे में हो तो हिंसा को अपनाना भी आवश्यक हो जाता है। यही हमारा धर्म है, खासकर देश के दुश्मनों के खिलाफ, और भारतीय सेना इसे पूरी मजबूती से निभाती है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह बातें राजधानी में नौसेना शौर्य वाटिका के उद्घाटन के अवसर पर बोले। यह वाटिका 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित है और नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण के रूप में विकसित की गई है। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर इस वाटिका का उद्घाटन किया। नौसेना बैंड की प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

    सीएम ने कहा कि बड़ी सोच और बड़े लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं, जो युवाओं को नई प्रेरणा देते हैं। वाटिका में आने वाले युवाओं को भारतीय नौसेना के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी कि हमारे सैनिक किन कठिन और विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं। यह जानकारी युवाओं को चुनौतियों से लड़ने के लिए प्रेरित करेगी। नौसेना का लक्ष्य उसकी विराट सोच का प्रतीक है। उन्होंने आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का भी उल्लेख किया और कहा कि आकाश को छूने के लिए बड़ी सोच आवश्यक है। संकुचित सोच से बड़े लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के स्वप्न को स्पष्ट किया है और सभी देशवासियों से पंचप्रण के साथ जुड़ने की अपील की है। हमें अपनी सेना और सभी यूनिफॉर्म धारियों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। जब हमारे बहादुर सैनिक अत्यंत ठंडे तापमान, रेगिस्तानी तपिश और समुद्र की लहरों से सामना करते हुए सीमाओं की रक्षा करते हैं, तब भारत के 140 करोड़ नागरिक सुरक्षित और चैन की नींद सोते हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि एक सुरक्षित माहौल में ही जन-कल्याण और विकास योजनाएं सफल और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सकती हैं। पहले उत्तर प्रदेश में रोजाना कर्फ्यू लागू होता था और पेशेवर माफिया व अपराधियों ने आम जनजीवन दूभर कर दिया था, जिससे निवेश और विकास बाधित हो गए थे। लेकिन अब सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध सैनिकों के प्रयासों से यह स्थिति सुधारित हुई है। अब नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे सैनिकों का सम्मान करें और उनकी सेवा का मान रखें।

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणास्थल और नौसेना शौर्य संग्रहालय के निर्माण की भी बात की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने राष्ट्र प्रेरणास्थल का उद्घाटन किया है और नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने यह सुझाव दिया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर भारतीय सेना से जुड़े टैंक प्रदर्शित किए जाएं, जो अब क्रियाशील नहीं हैं, ताकि वे देखने वाले युवाओं में सेना के लिए सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत कर सकें।

    सीएम ने रक्षा मंत्री की प्रेरणा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग के लिए नौसेना अध्यक्ष और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ आने वाला हर व्यक्ति नौसेना शौर्य वाटिका में आकर देश की परंपरा, विरासत और सुरक्षा के प्रति गर्व महसूस कर सकता है। यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को नई सोच के साथ सीखने, जानने और प्रेरित होने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने आईएनएस गोमती का उल्लेख भी किया, जो लंबे समय तक भारतीय नौसेना के माध्यम से देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करता रहा है और अब लखनऊ की गोमती नदी के किनारे स्थापित है।

    इस अवसर पर नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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