यूपी में मदरसों के मेधावी छात्रों को सरकार करेगी सम्मानित, टॉप-3 छात्रों को मिलेगा टैबलेट

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वर्ष 2026 में हुई मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़कर मुख्यधारा में उनके समावेश को बढ़ावा देना है।

    संसदीय सचिव और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री दानिश आजाद अंसारी के अनुसार, मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) शिक्षण वर्ग के शीर्ष दस छात्र-छात्राओं को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दोनों वर्गों के टॉप तीन छात्रों को टैबलेट भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकें।

    परीक्षा में रिकॉर्ड पंजीयन और परिणाम

    वर्ष 2026 की मदरसा बोर्ड परीक्षा में कुल 80,933 छात्रों ने पंजीकरण करवाया था, जिनमें से 63,211 छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया। इस परीक्षा में कुल 55,788 छात्रों ने सफलता हासिल की। परीक्षा के दोनों वर्गों में टॉप-10 सूची में समान संख्या में छात्र और छात्राएं शामिल हैं, जिन्हें सम्मानित किया जाएगा।

    सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी के टॉपर्स का विवरण

    मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) वर्ग में चंदौली के मोहम्मद वसीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, मीरजापुर के मोहम्मद कासिम अली दूसरे स्थान पर रहे और गोरखपुर की शाइमा परवीन तीसरे स्थान पर रहीं। जबकि आलिम (सीनियर सेकेंडरी) वर्ग की शीर्ष तीन स्थान छात्राओं के नाम रहे, जिनमें वाराणसी की जुमी फरीन, शाइस्ता परवीन और अमरोहा की उम्मुल खैर शामिल हैं।

    आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की रणनीति

    प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है कि अल्पसंख्यक समाज के छात्र आधुनिक शिक्षा से जुड़ें और वे समाज की मुख्यधारा में बेहतर स्थान हासिल कर सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक हाथ में कुरान और एक हाथ में कंप्यूटर’ के विजन को प्रदेश में गहराई से लागू करने के लिए मदरसों की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाना एक प्राथमिकता है।

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सरकार की प्रतिबद्धता

    अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी का कहना है कि योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सभी संभव प्रयास कर रही है। मदरसा शिक्षा केवल रस्मी तौर पर ही सीमित नहीं रहनी चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र विशेष रूप से गरीब मुस्लिम परिवारों के बच्चों की शिक्षा का माध्यम है, इसलिए उन्हें बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

    सम्मान समारोह की तिथि और तैयारी

    दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में दोनों वर्गों के टॉप-10 छात्रों को लखनऊ में बुलाकर इस सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान टॉप-3 छात्रों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई में आसानी और परिष्कार ला सकें।

    परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था

    मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 9 फरवरी से 14 फरवरी तक दो पालियों में संपन्न हुईं। पहली पाली में मुंशी और मौलवी तथा दूसरी में आलिम, अरबी और फारसी विषयों की परीक्षाएं आयोजित की गईं। प्रदेश भर में कुल 277 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को पारदर्शी और नकल से मुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी मदरसा बोर्ड के मुख्यालय से की गई, जिससे परीक्षा सफलतापूर्वक निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई।

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