गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर एक उत्कृष्ट ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य की घोषणा की है। यह योजना चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना के अगले चरणों का हिस्सा है, जो प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय ताल-पोखरों पर कब्जा व गंदगी एक बड़ी समस्या थी, जबकि वर्तमान सरकार ताल और तालाबों की सुरक्षा तथा संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। डबल इंजन सरकार ने सुनिश्चित किया है कि ताल-झीलें न केवल संरक्षित रहें, बल्कि उन्हें पर्यटन के लिए भी विकसित किया जाए, ताकि जनता प्राकृतिक वातावरण में आनंद ले सके।
चिलुआताल पर्यटन स्थल में 20 करोड़ रुपये की लागत से कई सुधार और विकास कार्य किए गए हैं, जिनका लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अच्छी सरकारें समाज के लिए बेहतर सुविधाएं लेकर आती हैं। इस परियोजना में कोल इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर यहां फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने का भी प्रयास जारी है, जिससे 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। इससे गोरखपुर सहित आसपास के इलाकों को पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यहाँ का पानी पूरी तरह से प्राकृतिक स्रोतों से आता है, जो कि रामगढ़ताल के पानी से बेहतर है, क्योंकि रामगढ़ताल में ड्रेनेज का पानी भी जाता है, जबकि चिलुआताल का पानी शुद्ध और स्वच्छ है। इस कारण चिलुआताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए असीम संभावनाएं हैं। पहले ही रामगढ़ताल में नेशनल जूनियर रोइंग चैंपियनशिप आयोजित की जा चुकी है, जिसमें देशभर के खिलाड़ी हिस्सा ले चुके हैं।
उन्होंने कहा कि चिलुआताल के किनारे अपरंपरागत वातावरण, स्वच्छता और प्राकृतिक हवा से तापमान सुखद बनता है, जो लोगों के लिए विश्राम और स्वास्थ्य लाभ का अवसर प्रदान करता है। यह स्थल प्रदूषण-मुक्त और सुनियोजित है, जहां पर्यटक परिवार के साथ सुरक्षित रूप से आ सकते हैं।
सीएम ने जनता से अपील की कि वे सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण करें, गंदगी न करें और विकास कार्यों का सम्मान करें। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त गोरखपुर का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास के साथ संरक्षण की जिम्मेदारी भी नागरिकों की है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतम कार्यकाल के उपलक्ष्य में विश्व पर्यावरण दिवस से विश्व योग दिवस तक विभिन्न स्वच्छता, पौधरोपण और योग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
योगी ने चिलुआताल और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां हरिशंकरी पेड़-पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल का जायजा भी लिया, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सांसद रविकिशन ने मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि गोरखपुर का विकास पूरे देश के लिए मिसाल बन चुका है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी कहा कि मुख्यमंत्री का विजन चिलुआताल क्षेत्र को नई पहचान दिलाने में सफल रहा है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर में खाद कारखाने के पुन: संचालन, केंद्रीय विद्यालय और सैनिक स्कूल जैसी कई संस्थाओं के विकास के साथ-साथ चिलुआताल का पर्यटन विकास भी तेजी से हो रहा है, जो क्षेत्र की समृद्धि और युवाओं के लिए अवसर प्रदान करेगा। यह परियोजना न केवल आर्थिक विकास, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा और जनता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी साबित होगी।

