नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में एलएलबी छात्र योगेश मीणा गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए उकसाने का आरोप

Rashtrabaan

    नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुई श्रमिक हिंसा के मामले में पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। नामी विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार किया गया है, जो इस घटना के पीछे की साजिश में शामिल होने का आरोप है। योगेश मीणा जयपुर, राजस्थान के निवासी हैं और कथित तौर पर रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (आरडब्ल्यूपीआई) से भी जुड़े हैं।

    पुलिस का दावा है कि इस हिंसा के पीछे कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से सुनियोजित था। जांच के दौरान प्राप्त डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर योगेश मीणा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के जरिए श्रमिकों को भड़काने और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया गया है।

    जांच में यह भी सामने आया कि योगेश मीणा ने हिंसा के दिन और उसके बाद कई व्हाट्सएप ग्रुपों में यह गलत दावा फैलाया कि नोएडा पुलिस के एक अधिकारी का चालक श्रमिक आंदोलन में संलिप्त है और उकसावा कर रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलत और साजिश का हिस्सा था।

    इस मामले में पहले भी पुलिस ने अनिल नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसे आरोपी की बातचीत का हिस्सा बताया जा रहा था। जांच में पता चला कि अनिल का पुलिस अधिकारी से कोई संबंध नहीं था, और वह उनका चालक नहीं था। हालांकि, अनिल और योगेश मीणा के बीच इस हिंसा के दिन भी संवाद हुआ था, जिससे दोनों के बीच मिलीभगत की संभावना मजबूत हो गई है।

    पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाई गई झूठी अफवाहों ने श्रमिकों के बीच आक्रोश और भ्रम की स्थिति पैदा की, जिसके चलते कई औद्योगिक क्षेत्रों में हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने फैक्टरियों, कार्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की, आगजनी की घटनाएं हुईं और करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

    अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके जो इस साजिश में शामिल थे। पुलिस ने साफ कर दिया है कि हिंसा भड़काने और झूठी अफवाहें फैलाने वाले किसी भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है और जल्द ही और अपडेट्स सार्वजनिक किए जाएंगे।

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