नोएडा। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़ किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के प्रमुख सहित दो शातिर तस्करों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 37 किलो 696 ग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल 39 साड़ियां बरामद की हैं। अनुमानित तौर पर बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 से 25 लाख रुपए के बीच बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को मैनुअल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचनाओं के आधार पर 2 जून की रात सेक्टर-17 में एक संयुक्त अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में अयोध्या निवासी शुभम पाठक और शिवम दूबे को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों का दिल्ली के मयूर विहार फेस-2 स्थित ईस्ट विनोद नगर में ठिकाना है और वे लंबे समय से एनसीआर क्षेत्र में गांजे की आपूर्ति कर रहे थे।
पूछताछ में पता चला कि इसका संचालन शुभम पाठक कर रहा था, जो पिछले दो-तीन वर्षों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। आरोपी पश्चिम बंगाल से विभिन्न कोरियर कंपनियों के माध्यम से गांजे की खेप मंगाते थे। इसे छिपाने के लिए गांजे को साड़ियों के अंदर पैक किया जाता था ताकि जांच एजेंसियों को कोई संदेह न हो। आमतौर पर पार्सल अधूरे या नकली पते पर भेजे जाते थे और डिलीवरी से पहले फोन के जरिए इन्हें प्राप्त कर लिया जाता था।
पुलिस ने यह भी पता लगाया कि गांजा ओडिशा, आंध्र प्रदेश और अन्य पर्वतीय इलाकों से लाया जाता था। आरोपी बताते हैं कि यह उच्च गुणवत्ता वाला गांजा विशेष रासायनिक प्रक्रिया के बाद तैयार किया जाता है, जिसकी मादक क्षमता सामान्य गांजे से कई गुना अधिक होती है। यही कारण है कि इसकी मांग और कीमत दोनों अधिक हैं।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
गिरोह के सरगना शुभम पाठक के खिलाफ पहले भी हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही इस तस्करी रैकेट में शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

