लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने यूपी चुनाव को लेकर आईएएनएस से बातचीत के दौरान सपा और खासतौर पर पार्टी महासचिव अखिलेश यादव पर निशाना साधा। राजभर ने कहा कि चुनाव के करीब आते ही सभी अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीतियों को उभारेंगे, लेकिन समय ही बताएगा कि कौन कितना सशक्त है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “यूपी में चंद्रशेखर की भूमिका को लेकर एनडीए गठबंधन के सामने अन्य पार्टियों का प्रभाव बहुत कम रहेगा। यहां बड़े-बड़े बैंड पार्टी तो हैं, लेकिन वे केवल छोटी-छोटी पार्टियां लेकर भ्रमित कर रहे हैं, इनसे कुछ खास हासिल होना मुश्किल है।”
राजभर ने अपने आरोपों में कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता जनसेवा के नाम पर झूठ बोल रहे हैं और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को जनता के सामने सच बताना चाहिए। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त इलाके में भयावह स्थिति थी, लोग आपस में कट-मर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश यादव नृत्य कार्यक्रम में व्यस्त थे। यह उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति की उपलब्धि बताई है, जो कि निराशाजनक है।
राजभर ने आगे कहा कि “अखिलेश के शासनकाल में हजारों दंगे हुए, हजार से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि योगी सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ; कहीं कर्फ्यू नहीं लगा, न ही किसी की जान गई। इसलिए कानून व्यवस्था पर उनकी बातें संदिग्ध हैं।” वे यह भी पूछते हैं कि जिस कानून का गठन किया जाता है, क्या वह कानून व्यवस्था की हिफाजत कर पाता है या नहीं।
मंत्री ने गाजियाबाद से शुरु होने वाली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि वहां यादव समाज के समर्थकों द्वारा किए गए हिंसक अपराधों पर सपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं। मधुबन में हुई एक घटना का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यादव समाज के कुछ सदस्यों ने राजभर समाज के एक युवक की हत्या की, पर कोई आवाज उठाई नहीं गई।
पंचायत चुनाव के सन्दर्भ में राजभर ने स्पष्ट किया कि पंचायतीराज विभाग उनकी जिम्मेदारी में है, न कि समाजवादी पार्टी की। इस क्षेत्र में उनकी सरकार की भूमिका ज्यादा प्रबल है।
बंगाल विधानसभा में विपक्षी नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी के चयन पर राजभर ने ममता बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि टीएमसी में बगावत का कारण ममता की तानाशाही रवैया और हिटलर जैसी नीति रही है, जिसने जनता को बदलाव की ओर अग्रसर किया। भाजपा की सरकार बनने के बाद विकास कार्य तेजी से शुरू हो चुके हैं, जो बंगाल की जनता की वंचित आशाओं की पूर्ति कर रहा है।
इस प्रकार ओम प्रकाश राजभर ने सपा नेतृत्व और अन्य विपक्षी दलों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए योगी सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया। उनकी टिप्पणी यूपी की आगामी राजनीतिक लड़ाई का भी संकेत देती है।

