पुणे जिले के खंडवे नगर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है जहां एलपीजी गैस सिलेंडर के विस्फोट से दो लोगों की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के दौरान एक छह वर्षीय बच्ची ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, जो इस घटना की एक बहादुरी भरी घटना के रूप में सामने आई है।
इस घटना की शुरुआत तब हुई जब पुराना एलपीजी सिलेंडर खत्म होने के बाद नया सिलेंडर लगाया जा रहा था। इसी दौरान गैस रिसाव हो गया और कमरे में गैस भर गई। कुछ ही पलों में तेज विस्फोट हुआ जिससे पूरा घर आग की भेंट चढ़ गया।
अग्निशमन विभाग की टीम को सुबह करीब 9:15 बजे खंडवे नगर से आग लगने और सिलेंडर विस्फोट की सूचना मिली। तुरंत खराडी, धानोरी और येरवडा के फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन घटनास्थल पर भेजे गए। जब दमकलकर्मी पहुंचे तो पहले और दूसरी मंजिल पर आग पहले ही तेजी से फैल चुकी थी। उन्होंने पानी की बौछार कर आग पर नियंत्रण पाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
इस हादसे में विष्णु गीते (60), रुंदीवनिका विष्णु गीते (50) और पांडुरंग विष्णु गीते (35) गंभीर रूप से झुलस गए। विष्णु गीते और रुंदीवनिका की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांडुरंग की स्थिति गंभीर है और वह अस्पताल में उपचाराधीन है।
इस भीषण आग में फंसी छह वर्षीय निहारिका गीते ने सूझबूझ का परिचय देते हुए खिड़की से पहली मंजिल पर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। हालांकि इस दौरान उसे और उसकी मां को मामूली चोटें आईं, लेकिन उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और दोनों अस्पताल में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
दमकल विभाग के अधिकारीयों ने बताया कि आग ने पूरे फ्लैट को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। हॉल पूरी तरह जल कर खाक हो चुका है, फर्नीचर, टेलीविजन, बिजली की वायरिंग और घरेलू सामान जल गए हैं। बाथरूम और शौचालय के दरवाजे, गीजर, रसोई में रखा फ्रिज और अन्य चीज़ें भी आग की चपेट में आई हैं। दीवारें धुएं से काले पड़ गई हैं।
आग पर नियंत्रण पाने के बाद दमकल विभाग ने कूलिंग ऑपरेशन भी चलाया। अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह घटना गैस सिलेंडर सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता को एक बार फिर से सशक्त रूप से दर्शाती है।
स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि एलपीजी सिलेंडर की सावधानीपूर्वक जांच कराएं और गैस रिसाव जैसी स्थितियों से बचाव के लिए उचित उपाय करें ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।

