यूपीईआरसी ने टाटा पावर-भूटान जलविद्युत परियोजना से उत्तर प्रदेश की बिजली खरीद को मंजूरी दी

Rashtrabaan

    उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने टाटा पावर और भूटान की संयुक्त जलविद्युत परियोजना से बिजली खरीद को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत बिजली को एक समान टैरिफ के आधार पर प्रति यूनिट ₹6.75 की दर से 30 वर्षों तक खरीदा जाएगा। इसके लिए एक पावर बिक्री समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

    यह निर्णय राज्य की बिजली आपूर्ति को स्थिर और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। टाटा पावर-भूटान जलविद्युत परियोजना से प्राप्त विद्युत ऊर्जा के तहत उत्तर प्रदेश में स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा संसाधनों का विस्तार होगा, जो पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी अति महत्वपूर्ण है।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से राज्य में ऊर्जा संकट को कम करने में मदद मिलेगी और बिजली के उत्पादन का स्थायी स्रोत उपलब्ध होगा। यूपीईआरसी की यह मंजूरी बिजली वितरण कंपनियों को दी जाने वाली ऊर्जा की कीमतों को नियंत्रित करने में भी सहायता करेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली की लागत में स्थिरता देखने को मिलेगी।

    टाटा पावर का यह मिलियन-मेगा वाट स्तर का हाइड्रो प्रोजेक्ट भूटान में स्थापित किया गया है, जो भारत और भूटान के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करेगा। यह परियोजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य और जल विद्युत क्षमता वृद्धि के प्रयासों का भी समर्थन करती है।

    जलविद्युत ऊर्जा के इस समझौते के चलते, उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और ऊर्जा की कीमतों को स्थिर रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, यह परियोजना रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    आगामी पावर बिक्री समझौते के तहत, टाटा पावर और बिजली वितरण कंपनियां आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने पर ध्यान देंगी।

    इस प्रकार, यूपीईआरसी की यह स्वीकृति न केवल ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और पर्यावरणीय विकास के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

    Source

    error: Content is protected !!