मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ी के खिलाफ जारी अपने आंदोलन को तब तक खत्म न करने की बात कही है जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा नहीं देते। अभिजीत का कहना है कि यह केवल विरोध नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़ा एक बड़ा आंदोलन है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवा और छात्र अपनी आवाज़ नहीं उठाएंगे तो बदलाव सम्भव नहीं होगा। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर अपनी कड़ी आलोचना की और कहा कि एक पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय हुआ है, जिसे सही किया जाना आवश्यक है।
रविवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके का परिवार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। घर लौटने के बाद उन्होंने अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने बताया कि जल्द इंस्टाग्राम लाइव के जरिए वे अपने समर्थकों से बात करेंगे, हालांकि इसका समय उन्होंने स्पष्ट नहीं किया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन: बड़ी संख्या में जुटे लोग
अभिजीत ने बताया कि शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में करीब 7,000 लोग शामिल हुए। उन्होंने यह प्रदर्शन सफल बताते हुए कहा कि इसे जल्द ही देश के अन्य हिस्सों में भी फैलाया जाएगा। यह आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान बनने की दिशा में है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 13 जून को फिर से एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार पर आरोप
अपने संबोधन में अभिजीत ने कहा कि पिछले एक महीने से वे सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके पोस्ट को हटाने में लगी रही, लेकिन यह किसी भी तरह उनकी आवाज़ को दबा नहीं सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है।
गिरफ्तारी की आशंका पर खुलासा
अभिजीत ने बताया कि दिल्ली आने से पहले उन्हें गिरफ्तारी की चिंता थी। विमान के दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते समय उन्हें लगा कि यह शायद उनकी आज़ाद ज़िन्दगी का आखिरी पल हो सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के लिए वे अपनी आज़ादी तक खोने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि डर के कारण कई लोग समझौता कर लेते हैं, लेकिन युवा अब बदलाव की मांग कर रहे हैं।
जंतर-मंतर भाषण में उठाए प्रमुख मुद्दे
उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों ने छात्रों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कई छात्रों ने मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या की भी कोशिश की है, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। अभिजीत ने साफ़ कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव लाना है।
आंदोलन के समर्थन में ऑनलाइन सक्रियता में वृद्धि
CJP अध्यक्ष ने बताया कि आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति में जबरदस्त वृद्धि हुई है। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे में लाखों नए फॉलोअर्स जुड़े, जिससे उनकी पहुंच और प्रभाव बढ़ा है। इससे पहले उनके इंस्टाग्राम पर 2.21 करोड़ फॉलोअर्स थे, जो अब बढ़कर 2.26 करोड़ हो गए हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी लाखों फॉलोअर्स हैं।
देशव्यापी आंदोलन की तैयारी और आगे की रणनीति
अभिजीत ने संकेत दिया कि आगे यह आंदोलन और बड़ा होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो देशभर में विरोध तेज होंगे। वे अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहने की अपील करते हुए कहते हैं कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है।

