डेविड धवन की नई लीड कॉमेडी ‘है जवानी तो इश्क़ होना है’ एक पारंपरिक हल्की-फुल्की मनोरंजक फिल्म है, जो शादीशुदा ज़िंदगी की उलझनों और हास्य से भरपूर घटनाओं को बड़े मज़ेदार अंदाज़ में दर्शाती है। इस फिल्म में दर्शकों को पुरानी फिल्मों के मज़ेदार पल याद दिलाते हुए एक रसीला हास्य अनुभव मिलता है, जो आपको हल्के-फुल्के पल बिताने पर मजबूर कर देता है।
वरुण धवन ने गोविंदा जैसी स्टाइल और कॉमिक टाइमिंग के साथ फिल्म में जान डाल दी है। उनकी एक्टिंग में वह पुरानी बॉलीवुड कॉमेडी विधा की झलक दिखती है, जो लोगों को हंसी के ठहाकों में डूबा देने में सक्षम है। फिल्म की स्क्रिप्ट में कई ऐसे पल हैं जहां हास्य और व्यंग्य की सही मात्रा मौजूद है।
फिल्म की कहानी एक शाही जटिलता को पकड़ती है जहां विवाह और रिश्तों के बीच चल रही समझदारी और गलतफहमियों को मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। डेविड धवन ने इस फिल्म को अपनी ट्रेडमार्क शैली में बनाया है, जिसमें क्लीशे बहुतायत में हैं, लेकिन सही जगह पर लगाए गए कॉमिक तत्व इसे ताज़गी देते हैं।
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी युवाओं को आकर्षित करने के लिए उपयुक्त हैं। फिल्म के कुछ गाने और डायलॉग्स तुरंत ही याद रह जाते हैं, जो इसका मनोरंजक पक्ष और मजबूत बनाते हैं। फिल्म की निर्माण गुणवत्ता औसत स्तर की है, लेकिन कहानी और अभिनय की वजह से यह कमज़ोर नहीं पड़ती।
हालांकि कुछ पल थोड़े ज्यादा ओवर-द-टॉप हैं, लेकिन कुल मिलाकर ये फिल्म आपको हल्का-फुल्का मनोरंजन देती है और तनावमुक्त माहौल में हँसने का मौका प्रदान करती है। ‘है जवानी तो इश्क़ होना है’ एक पारंपरिक डेविड धवन स्टाइल फिल्म है, जो उन लोगों के लिए बनायी गई है जो बिना अधिक गंभीरता के कॉमेडी और मसालेदार ड्रामा का आनंद लेना चाहते हैं।
इस फिल्म को खासतौर पर उनके लिए सुझाया जा सकता है जिन्हें पुराने जमाने की बॉलीवुड कॉमेडी पसंद है, जो कहानियों को सहज और सीधे-सीधे तरीके से प्रस्तुत करती हैं। फिल्म सिनेमाघरों में अच्छी-खासी हलचल मचा रही है और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं मिलीजुली हैं, परन्तु मनोरंजन के लिहाज से यह एक विश्वसनीय विकल्प साबित हो रही है।

